संक्रमण की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के रोकथाम को लेकर लगाए गए लॉकडाउन से जरुरतमंद परिवारों के सामने आर्थिक समस्या आ खड़ी हुई है। इस समस्या को देखते हुए शासन स्तर से जिले के निकायों के वेंडरों को एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जा रहा है। इसके तहत अब साढ़े सात हजार से ज्यादा वेंडरों के खाते में पहली किस्त भेजने की कवायद निकायों द्वारा की जा रही है। इतना ही नहीं अंत्योदय तथा पात्र गृहस्थी वाले वेंडरों को नि:शुल्क राशन का वितरण किया जा रहा है। शासन की इस कवायद से लॉकडाउन के चलते रोजगार बंद होने के बाद आर्थिक समस्या से जूझ रहे वेंडरों को काफी हद तक राहत मिली है। बताते चले कि जिले के एक नगर पालिका सहित 11 निकायों में स्ट्रीट वेंडरों को पंजीकृत किए जाने का काम हुआ है। इसमें प्रधानमंत्री स्वनिधि के तहत इनको 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया गया है। इन सभी का खाता संख्या मांगकर आनलाइन भी किया जा चुका है। बीते अप्रैल से संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने पर लॉकडाउन लगने के चलते वेंडरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में शासन ने कोरोना संक्रमण के लॉकडाउन तक स्ट्रीट वेंडरों को भरण-पोषण भत्ता का लाभ देने की कवायद में जुटा है। योजना के तहत नगर पालिका मऊ क्षेत्र के वेंडरों के खाते में एक हजार रुपये भेजने के लिए इनके डाटा एकत्रित करने की कवायद अंतिम स्तर में है। नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि नगर 6 हजार 403 वेंडरों का इसका लाभ मिलेगा। इनके खाते में शासन की निर्देशानुसार एक हजार रुपये की किस्त जल्द भेज दी जाएगी। वहीं जिले के मधुबन, अदरी, दोहरीघाट, कोपागंज, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना, वलीदपुर, चिरैयाकोट, अमिला निकायों के 1424 वेंडरों को इस योजना का लाभ जल्द मिलेगा।