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Mau News: अनुसूचित जाति विद्यालयों को भी मिले सरकार की सुविधा का लाभ
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मऊ। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के संगठन उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति प्राथमिक विद्यालय शिक्षक एसोसिएशन के तत्वावधान में इन विद्यालयों की समस्याओं पर विचार करने के लिए शिक्षकों की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को नगर के विजय प्लाजा में आयोजित हुई।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मिश्रीलाल यादव ने कहा कि सरकार व शासन द्वारा अनुसूचित जाति विद्यालयों व उनकी समस्याओं के प्रति सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इन अनुसूचित जाति के विद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़े जाति के नौनिहाल बच्चे पढ़ने आते हैं। जिनको शासन की ओर से छात्रों को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है। संगठन इन विद्यालयों की समस्याओं व उनके निराकरण के संबंध में विभागीय मंत्री व शासन को अनवरत अवगत कराता आ रहा है लेकिन शासन की उदासीनता समस्याओं के निराकरण में बाधक बन रही है।
मंच से मांग की कि बंद पड़े हुए विद्यालयों को पुनः संचालित कर रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाय। मृतक शिक्षकों के आश्रितों की नियुक्ति हो, इन विद्यालयों के कायाकल्प हेतु आर्थिक सहायता दी जाए। विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परिषदीय विद्यालयों की भांति यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता, मोजा, स्कूल बैग तथा स्टेशनरी हेतु रुपया 12 सौ प्रति छात्र डीबीटी के माध्यम से मिले।
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शिक्षा विभाग द्वारा सहायता प्राप्त शिक्षकों की भांति चिकित्सा अवकाश तथा महिलाओं को मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाय। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतनमान के बराबर अवशेष एरियर का भुगतान व सेवा निवृत्ति के बाद पेंशन योजना लागू की जाए। बैठक में जनपद के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, महराजगंज, गाजीपुर, बलिया, सिद्धार्थ नगर आदि जनपदों ने सहभाग किया।
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संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मिश्रीलाल यादव ने कहा कि सरकार व शासन द्वारा अनुसूचित जाति विद्यालयों व उनकी समस्याओं के प्रति सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इन अनुसूचित जाति के विद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़े जाति के नौनिहाल बच्चे पढ़ने आते हैं। जिनको शासन की ओर से छात्रों को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है। संगठन इन विद्यालयों की समस्याओं व उनके निराकरण के संबंध में विभागीय मंत्री व शासन को अनवरत अवगत कराता आ रहा है लेकिन शासन की उदासीनता समस्याओं के निराकरण में बाधक बन रही है।
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मंच से मांग की कि बंद पड़े हुए विद्यालयों को पुनः संचालित कर रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाय। मृतक शिक्षकों के आश्रितों की नियुक्ति हो, इन विद्यालयों के कायाकल्प हेतु आर्थिक सहायता दी जाए। विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परिषदीय विद्यालयों की भांति यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता, मोजा, स्कूल बैग तथा स्टेशनरी हेतु रुपया 12 सौ प्रति छात्र डीबीटी के माध्यम से मिले।
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शिक्षा विभाग द्वारा सहायता प्राप्त शिक्षकों की भांति चिकित्सा अवकाश तथा महिलाओं को मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाय। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतनमान के बराबर अवशेष एरियर का भुगतान व सेवा निवृत्ति के बाद पेंशन योजना लागू की जाए। बैठक में जनपद के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, महराजगंज, गाजीपुर, बलिया, सिद्धार्थ नगर आदि जनपदों ने सहभाग किया।