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‘कहा जैनब ने ये रोकर बहुत मजबूर हूं भईया’

Tue, 30 Aug 2022 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 12:15 AM IST
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'Say Zainab forced me to stop this brother'
नगर के बड़ागांव में रविवार की रात कर्बला के शहीदों के 20वें पर ताजिया का जुलूस बाजार स्थित इमाम चौक से निकाला गया। इस दौरान मजलिस में कर्बला में शहादत का बयान किया गया। जुलूस में पढ़े गए नौहे ‘कहा जैनब ने ये रोकर बहुत मजबूर हूं भईया’ ने अजादारों को रुला दिया।
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जुलूस की शुरुआत मौलना शफ़क़त तक़ी कि तक़रीर से हुई। मौलना ने कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत के बाद इमाम के परिजनों के ऊपर हुए जुल्मों सितम को बयान किया। जिसे सुन कर अजादारों की आँखें नम हो गईं। जुलूस अपने परम्परागत रास्तों से होता हुआ देर रात सदर इमाम बारगाह पर दफन हुआ। इस अवसर पर अंजुमन इमामिया के नौहाख्वां वसीउल हसन ने दर्द भरा नौहा पढ़ा ‘कहा जैनब ने ये रोकर बहुत मजबूर हूं भईया’, अंजुमन मासूमियां क़दीम, अंजुमन रौनक ए इस्लाम बैसवाड़ा, अंजुमन मासूमिया, दस्ता ए मासूमिया, अंजुमन इस्लामिया धरौली, अंजुमन मासूमिया , अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन तंजीमल हुसैनी, अंजुमन हुसैनी मिशन के नौहाख्वानों ने नौहे पढ़े।
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इस दौरान मुबारक हुसैन, सर्वर हुसैन, मोहम्मद रजा, नेमत अली, शमीम हैदर, नफीस असगर, सिब्ते हसन, अलमदार हुसैन समेत काफी संख्या में अजादार उपस्थिति रहे।
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