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सावन में बरसे बदरा, चहुंओर पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:01 PM IST
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झमाझम बारिश से नगर क्षेत्र के खीरीबाग मोहल्ले में भरा पानी।
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मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। सुबह लगभग 10 बजे के बाद रुक-रुक कर बारिश होती रही। लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। मौसम में आए बदलाव से रोपाई में तेजी आ गई। किसान खेतों में धान की रोपाई सहित कृषि कार्य में लगे रहे। वहीं नगर के निचले इलाकों में जलजमाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आषाढ़ माह में बारिश कम होने से सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। सावन माह शुरू हो गया, लेकिन अधिकांश किसानों की रोपाई नहीं हो पाई है। लोग भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए धार्मिक रीति रिवाजों से पूजन अर्चन करते रहे। सोमवार से ही मौसम में आए बदलाव से किसानों के चेहरे पर चमक देखते ही बन रही है। मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। सुबह लगभग 10 बजे झमाझम बारिश शुरू हुई।
आधा घंटे तक होती रही। इसके बाद रुक-रुक कर होती रही। किसान धान की रोपाई सहित अन्य कृषि कार्यों में लगे रहे। बारिश के आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो वर्ष 2015 में जून माह में 59 मिमी, जुलाई में 167 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। जबकि इस वर्ष जून में 38 मिमी तथा जुलाई में 192 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है। बारिश के बाद नगर के निजामुद्दीनपुरा, भीटी, महरनिया, मुंशीपुरा देवपरवा चांदमारी इमिलिया, सहादतपुरा नई बस्ती आदि में जलजमाव से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बकवल से बढुआगोदाम तक बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है। इससे वाहन चालक आए दिन चुटहिल हो रहे हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश संपर्क मार्गों का है।
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आषाढ़ माह में बारिश कम होने से सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। सावन माह शुरू हो गया, लेकिन अधिकांश किसानों की रोपाई नहीं हो पाई है। लोग भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए धार्मिक रीति रिवाजों से पूजन अर्चन करते रहे। सोमवार से ही मौसम में आए बदलाव से किसानों के चेहरे पर चमक देखते ही बन रही है। मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। सुबह लगभग 10 बजे झमाझम बारिश शुरू हुई।
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आधा घंटे तक होती रही। इसके बाद रुक-रुक कर होती रही। किसान धान की रोपाई सहित अन्य कृषि कार्यों में लगे रहे। बारिश के आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो वर्ष 2015 में जून माह में 59 मिमी, जुलाई में 167 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। जबकि इस वर्ष जून में 38 मिमी तथा जुलाई में 192 मिमी बारिश रिकार्ड हुई है। बारिश के बाद नगर के निजामुद्दीनपुरा, भीटी, महरनिया, मुंशीपुरा देवपरवा चांदमारी इमिलिया, सहादतपुरा नई बस्ती आदि में जलजमाव से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बकवल से बढुआगोदाम तक बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है। इससे वाहन चालक आए दिन चुटहिल हो रहे हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश संपर्क मार्गों का है।
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