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वोटरों को सहेजने में जुटे रहे रात भर
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Fri, 03 Mar 2017 11:59 PM IST
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विधानसभा चुनाव में अपने मतों को सहजने के लिए प्रत्याशियों में अंतिम समय तक होड़ मची है। शुक्रवार को देर रात तक विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रत्याशी और समर्थक गांवों से लेकर कस्बे तक अपने वोटरों को सहजने में जुटे रहे।
भाजपा, बसपा और सपा जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी अपने वोट बैंक में सेंधमारी की आशंका से सतर्क रहे। खासकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पार्टी कार्यकर्ता अफवाहों को लेकर अपने लोगों को सचेत करते नजर आए। शनिवार को यहां कुल सात प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो जाएगा।
विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को सुबह से मतदान होगा। अपने पक्ष में वोटिंग को लेकर सभी दलों के प्रत्याशी और समर्थक देर रात तक मतदाताओं की टोह लेते रहे। अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सपा और बसपा दोनों ही दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की आमोदरफ्त सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा अपने परंपरागत मतों में बिखराव की आंशका को लेकर सभी दल के समर्थक देर रात तक क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में इस बार त्रिकोणात्मक लड़ाई दिख रही है। बहरहाल, राजनीतिक दलों के सामने अपने मतदाताओं को बूथों तक लाने की अब सबसे बड़ी चुनौती है।
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भाजपा, बसपा और सपा जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी अपने वोट बैंक में सेंधमारी की आशंका से सतर्क रहे। खासकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पार्टी कार्यकर्ता अफवाहों को लेकर अपने लोगों को सचेत करते नजर आए। शनिवार को यहां कुल सात प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो जाएगा।
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विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को सुबह से मतदान होगा। अपने पक्ष में वोटिंग को लेकर सभी दलों के प्रत्याशी और समर्थक देर रात तक मतदाताओं की टोह लेते रहे। अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सपा और बसपा दोनों ही दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की आमोदरफ्त सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा अपने परंपरागत मतों में बिखराव की आंशका को लेकर सभी दल के समर्थक देर रात तक क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र में इस बार त्रिकोणात्मक लड़ाई दिख रही है। बहरहाल, राजनीतिक दलों के सामने अपने मतदाताओं को बूथों तक लाने की अब सबसे बड़ी चुनौती है।
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