दोहरीघाट। सरयू नदी के जलस्तर में 47 सेमी का घटाव दर्ज किया गया। लेकिन किसानों तथा आम लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। सरयू नदी का जलस्तर में घटाव होने के बाद भी तटवर्ती इलाके के लोगों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार को शाम चार बजे जलस्तर 70.05 मीटर पर रहा। जबकि बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 70.52 मीटर था। नदी का जलस्तर घटने से तटवर्ती इलाकों के लोगो ने राहत की सांस तो ली है लेकिन अभी फसलें डूबी हुई हैं। चिऊटीडांड से लेकर सुरजपुर तक रिंग बंधों के नीचे की करीब एक हजार एकड़ धान, गन्ना बाजरा, मक्का की फसलें जलमग्न हैं। जलस्तर घटने के बाद कटान का भी खतरा बढ़ सकता है। सरहरा, चिऊटीडांड, नई बाजार ,श्रुतिधर, धनौली रामपुर कस्बे का दलित वार्ड, बहादुरपुर, पतनई, ठाकुरगांव ,गोधनी, सडासो, सरयां, बीवीपुर, ताहिरपुर, कोरौली, उसरा, बेलौली, सोनबरसा के तटवर्ती इलाकों के किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं। दुुबारी : हाहानाला रेगुलेटर पर सरयू नदी का जलस्तर 66.20 मीटर रहा। जबकि बृहस्पतिवार को 66.36 मीटर रहा। नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने से धर्मपुर बिंदटोलिया, हरिलाल का पुरा, नकीहवा, धुस पुरा, मनमन का पुरा, बिशुन पुरवा, विंदर का पुरा, बईरकंटा पुरा, भगत का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा, पब्बर पुरा, परसिया भटोली, चक्कीमूसाडोही, हरिलाल का पुरा सहित 24 से अधिक गांव पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्गो के डूबने से छात्र छात्राओं को विद्यालय जाने में तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। हजारों एकड़ फसलें जलमग्न होने के चलते जहां किसानों को धान की फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। वहीं पशुओं के लिए चारे का संकट बना हुआ है। प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराई गई नाव नाकाफी साबित हो रही है। जलस्तर में कमी आने के बाद नाव चलाने मे दिक्कत आएगी।

दोहरीघाट के तटवर्ती इलाके में फैला सरयू नदी का जलस्तर।संवाद- फोटो : MAU