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सफाई कर्मी ने ही लीक कर दिया था आरक्षण सूची
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मऊ। ग्राम पंचायतों के आरक्षण की सूची को निर्धारित समय से एक दिन पहले ही दोहरीघाट ब्लाक के पिपरा गांव के एक सफाईकर्मी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इससे जिले भर में ऊहापोह की स्थिति बन गई थी। संशय की स्थिति के चलते जनपद में अटकलों का दौर जारी हो गया था। लोग अपने-अपने हिसाब से अटकलें लगा रहे थे और वायरल सूची को लेकर लोग प्रशासन पर सवाल उठाने लगे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर आरक्षण की सूची को समय से पहले वायरल किए जाने के मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। इस मामले की जांच डीपीआरओ ने जांच सहायक विकास अधिकारी दोहरीघाट को सौंपी थी। सहायक विकास अधिकारी ने प्रकरण की जांच करके डीपीआरओ को सौंप दी। सहायक विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर दोहरीघाट ब्लाक के पिपरा ग्राम पंचायत के सफाई कर्मी सुखदेव को दोषी पाए जाने पर उसे डीपीआरओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डीपीआरओ ने जांच अधिकारी सहायक विकास अधिकारी की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सर्वाधिक संवेदनशील आरक्षण जैसी सूची को अनियमित तरीके से समय से पूर्व सोशल मीडिया में वायरल करने का प्रयास किया। कहा गया है कि सुखदेव का यह कार्य अनुशासनहीनता और कर्मचारी नियमावली के सर्वथा प्रतिकूल है। इसके साथ ही सफाई कर्मी पर आरोप है कि वह कभी गांव में नहीं आता। इसके चलते गांव की सभी गलियां और नालियां गंदगी से भरी पड़ी है। यह भी आरोप है कि सफाई कर्मी विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करता है। इसके साथ ही वह अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन नहीं करता है। डीपीआरओ घनश्याम खरवार ने बताया कि ग्राम पंचायतों की आरक्षण सूची को समय से पूर्व सार्वजनिक करने का प्रयास करने सहित चार गंभीर आरोप है। जिसके चलते सफाई कर्मी को निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि में उसे विभागीय नियमानुसार वेतन मिलेगा।
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डीपीआरओ ने जांच अधिकारी सहायक विकास अधिकारी की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सर्वाधिक संवेदनशील आरक्षण जैसी सूची को अनियमित तरीके से समय से पूर्व सोशल मीडिया में वायरल करने का प्रयास किया। कहा गया है कि सुखदेव का यह कार्य अनुशासनहीनता और कर्मचारी नियमावली के सर्वथा प्रतिकूल है। इसके साथ ही सफाई कर्मी पर आरोप है कि वह कभी गांव में नहीं आता। इसके चलते गांव की सभी गलियां और नालियां गंदगी से भरी पड़ी है। यह भी आरोप है कि सफाई कर्मी विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करता है। इसके साथ ही वह अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन नहीं करता है। डीपीआरओ घनश्याम खरवार ने बताया कि ग्राम पंचायतों की आरक्षण सूची को समय से पूर्व सार्वजनिक करने का प्रयास करने सहित चार गंभीर आरोप है। जिसके चलते सफाई कर्मी को निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि में उसे विभागीय नियमानुसार वेतन मिलेगा।
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