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Mau News: रोडवेज से वापस नहीं हुए 1610 रुपये, महिला ने कोर्ट से भिजवाया नोटिस
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मऊ। सरकार की तरफ से रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए दो दिनों तक रोडवेज बसों मेंं किराया फ्री होने के बाद भी परिवहन निगम की लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। एक महिला का रक्षाबंधन के समय 1610 रुपये का जनरथ का दो टिकट काटने के आरोप में महिला ने कोर्ट से नोटिस भेजकर 25 हजार रुपये हर्जाना मांगा है। महिला का आरोप है कि 30 अगस्त को मऊ से लखनऊ के लिए जनरथ बस का 1610 रुपये का दो ऑनलाइन टिकट बुक कराया। बाद में मऊ एआरएम से शिकायत करने पर धन वापसी का आश्वासन मिला। एक माह बाद भी टिकट का पैसा नहींं मिलने पर कोर्ट से नोटिस भिजवाया है।
रक्षाबंधन पर बहनों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक रोडवेज बसों की यात्रा निशुल्क कर दी गई थी। बावजूद बस कंडक्टर और परिवहन निगम की ऑनलाइन साइट महिलाओं का किराया लिया गया। जो प्रदेश सरकार के बस में निशुल्क यात्रा को हवाहवाई साबित करता है। अक्सर महिलाएं ऐसे मामले को नजरअंदाज कर जाती हैं लेकिन अदरी नगर पंचायत निवासी सुमन देवी ने जागरूकता दिखाते हुए अपनी मांग को परिवहन निगम के सामने रखा है।
कोर्ट से भिजवाए नोटिस में सुमन देवी ने बताया कि बीते 30 अगस्त की शाम उन्होंने अपना और पति के लिए मऊ से लखनऊ तक का जनरथ बस में ऑनलाइन दो टिकट बुक करवाए। निशुल्क होने के बाद भी महिला का टिकट बुक हो गया। बस मऊ डिपो से रात आठ बजे की थी। साढ़े सात बजे सुमन देवी अपने बीमार पति को लेकर बस स्टेशन पहुंची। एक घंटे बाद भी जिस बस का बुक कराया था, वह जनरथ बस नहीं आई। मजबूरन दूसरी बस से किराया देकर लखनऊ जाना पड़ा।
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किराया रिफंड के लिए टिकट पर दर्ज टोलफ्री नंबर पर फोन करने पर वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वापस आकर महिला ने एआरएम मऊ से शिकायत की। एआरएम द्वारा पैसा वापसी का आश्वासन दिया लेकिन एक माह बाद भी किराया का पैसा नहीं मिलने पर महिला ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराते हुए उसे और उसके बीमार पति को परेशान करने का आरोप लगाते हुए 25 हजार रुपये का हर्जाना की मांग की है।
रक्षाबंधन पर्व पर एक महिला का टिकट काटने की जानकारी है, इसका विभाग स्तर पर जल्द निपटारा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में टिकट काटने वाले बस के डिपो की भी जांच की जा रही है। नोटिस की जानकारी अभी नहीं मिली है, मिलने पर जवाब दिया जाएगा। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम मऊ
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रक्षाबंधन पर बहनों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक रोडवेज बसों की यात्रा निशुल्क कर दी गई थी। बावजूद बस कंडक्टर और परिवहन निगम की ऑनलाइन साइट महिलाओं का किराया लिया गया। जो प्रदेश सरकार के बस में निशुल्क यात्रा को हवाहवाई साबित करता है। अक्सर महिलाएं ऐसे मामले को नजरअंदाज कर जाती हैं लेकिन अदरी नगर पंचायत निवासी सुमन देवी ने जागरूकता दिखाते हुए अपनी मांग को परिवहन निगम के सामने रखा है।
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कोर्ट से भिजवाए नोटिस में सुमन देवी ने बताया कि बीते 30 अगस्त की शाम उन्होंने अपना और पति के लिए मऊ से लखनऊ तक का जनरथ बस में ऑनलाइन दो टिकट बुक करवाए। निशुल्क होने के बाद भी महिला का टिकट बुक हो गया। बस मऊ डिपो से रात आठ बजे की थी। साढ़े सात बजे सुमन देवी अपने बीमार पति को लेकर बस स्टेशन पहुंची। एक घंटे बाद भी जिस बस का बुक कराया था, वह जनरथ बस नहीं आई। मजबूरन दूसरी बस से किराया देकर लखनऊ जाना पड़ा।
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किराया रिफंड के लिए टिकट पर दर्ज टोलफ्री नंबर पर फोन करने पर वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वापस आकर महिला ने एआरएम मऊ से शिकायत की। एआरएम द्वारा पैसा वापसी का आश्वासन दिया लेकिन एक माह बाद भी किराया का पैसा नहीं मिलने पर महिला ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराते हुए उसे और उसके बीमार पति को परेशान करने का आरोप लगाते हुए 25 हजार रुपये का हर्जाना की मांग की है।
रक्षाबंधन पर्व पर एक महिला का टिकट काटने की जानकारी है, इसका विभाग स्तर पर जल्द निपटारा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में टिकट काटने वाले बस के डिपो की भी जांच की जा रही है। नोटिस की जानकारी अभी नहीं मिली है, मिलने पर जवाब दिया जाएगा। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम मऊ