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Mau News: डेढ़ दशक बाद गाजीपुर के लिए रोडवेज बस का संचालन शुरू

Thu, 28 Aug 2025 11:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:37 PM IST
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Roadways bus service for Ghazipur started after a decade and a half
नगर के रोडवेज ​में खड़ी बसें।संवाद
मऊ। गाजीपुर और मऊ के नौकरीपेशा लोगों को सहूलियत मिली गई है। डेढ़ दशक बाद मऊ डिपो से गाजीपुर के लिए रोडवेज बस का संचालन शुरू हो गया है। 26 अगस्त को मिली दो बसों में से एक को इस रूट पर लगाया गया है। जबकि एक बस आजमगढ़ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लखनऊ चलाई जा रही है। 26 अगस्त को मिली दो नई बसों के बाद मऊ डिपो में बसों की संख्या 74 पहुंच गई है। इनमें 11 अनुबंधित हैं, अन्य परिवहन निगम की हैं।
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गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, लखनऊ, शाहगंज, वाराणसी, बहराइच, अंबेडकर नगर, प्रयागराज, अयोध्या सहित 13 रूटों पर निगम की बसों का संचालन होता है। गाजीपुर रूट पर मऊ डिपो की बस नहीं चलने से काशी परिक्षेत्र की बसें ही यात्रियों के लिए सहारा थीं। वो भी गोरखपुर से लौटने के बाद ही जाती थीं, कभी कभी दिनभर इन बसों का इंतजार करना पड़ता था। मऊ डिपो के एआरएम ने बसों की संख्या बढ़ने के बाद कई नई रूटों पर संचालन शुरू किया है। इसमें से एक गाजीपुर रूट है। नई बस रोज शाम को चार बजे गाजीपुर रवाना होगी और रातभर रुककर सुबह सात बजे वहां से निकलेगी। फिर मऊ पहुंचकर कुछ देर रुकने के बाद बस लखनऊ रवाना हो जाएगी। इससे गाजीपुर औ मऊ जनपद के सीमावर्ती लोगों के लिए लखनऊ का सफर आसान हो गया है। इसके साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए ये बस आरामदायक है। गाजीपुर मऊ पहुंचकर लोग दिनभर अपना काम या मरीजों का उपचार कराएंगे फिर शाम को चार बजे इसी बस से रवाना हो जाएंगे।
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मऊ-बहादुरगंज मार्ग पर भी बस चलाने की मांग
मऊ-बहादुरगंज मार्ग पर सुबह से शाम तक 8 से अधिक प्राइवेट बसें चलती हैं। बहादुरगंज मार्ग पर स्थित गाजीपुर और बलिया जनपद के सीमावर्ती गांवों के हजारों लोग हर रोज इलाज सहित अन्य कामों के लिए जिला मुख्यालय आते हैं। लेकिन जिम्मेदारों ने कभी इस मार्ग पर बस चलाने की कवायद नहीं की। परिवहन निगम के अधिकारी मऊ बहादुरगंज रूट पर परमिट न होने की बात कहते हैं। निजी बसों में जितने यात्री सीट पर बैठे रहते हैं उतने ही यात्रियों की खड़े होकर सफर करना मजबूरी है। मनमाना किराया वसूलने और सीट से दोगुना यात्रियों को बैठाने से परेशान होकर क्षेत्रीय लोगों ने इस रूट पर रोडवेज बस चलाने की मांग की है।
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सर्वे के बाद भी नहीं चली बस

जिले के पांच ग्रामीण रूटों पर सर्वे के बाद भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हुआ। व्यापारी संगठनों की मांग के बाद भी अब तक मऊ डिपो से मझवारा-सेमरीजमालपुर होते हुए सीधी रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। वर्ष 2020 में कोविड से पहले बढुआगोदाम-वनदेवी-चिरैयाकोट मार्ग पर मऊ डिपो जनरथ बस चलती थी, जिसे बंद कर दिया गया। इसी तरह बोझ-मऊ मार्ग, मधुबन-घोसी मार्ग, मऊ-सलाहाबाद-चिरैयाकोट मार्ग, मादी सिपाह-अमिला मार्ग, मऊ-कोपागंज मार्ग का सर्वे तो हुआ, लेकिन बस का संचालन नहीं हुआ।


नई बस को गाजीपुर मार्ग पर चलाया जा रहा है, वहां मांग अधिक थी। दूसरी बस को लखनऊ भेजा जा रहा है। कुछ ग्रामीण रूटों पर सर्वे कराया गया था। लेकिन ट्रायल के दौरान वो रूट सही नहीं पाया गया था, जिसके चलते बस का संचालन नहीं हो पाया। वनदेवी-चिरैयाकोट और मधुबन मार्ग पर जल्द ही बस चलाई जाएगी। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम मऊ।
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