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रुपयों के लालच में युवकों ने मार डाला था रिटायर्ड शिक्षिका को
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मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले में बलिया रोड के किनारे शिवनगर कालोनी में हुई सेवानिवृत्त शिक्षिका की हत्या का खुलासा पुलिस ने रविवार को कर दिया। शहर कोतवाली में प्रेसवार्ता में सीओ सिटी धनंजय मिश्र ने घटना का खुलासा किया। सेवानिवृत्त शिक्षिका के पास पर्याप्त नगदी और गहनों की उम्मीद में दो युवकों ने उनका गला दबाकर मार डाला लेकिन हत्यारों को मृतक के कान के टप्स और एक अंगूठी के अलावा कुछ नहीं मिला। पुलिस ने दोनों हत्यारों को मृतका के मोबाइल, दोनों गहनों और घटना में प्रयुक्त बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। नई मॉडल की बाइक खरीदने के चक्कर में वृद्धा के पास नगदी मिलने की उम्मीद में युवकों ने हत्या जैसा जघन्य अपराध किया और जेल की सलाखों के पीछे जा पहुंचे।
सीओ ने बताया कि मृतका गीता पांडेय 62 पत्नी स्व. ओंकार नाथ मूलरूप से आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाने के बस्ती गांव निवासी थीं। वे रिटायर होने के बाद बलिया मोड़ के साई फार्मेसी कालेज मोड़ के पास मकान बनवाकर अकेले रहती थीं। उनकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी थी। उनकी एक शिक्षिका बेटी भी अपने परिवार के साथ ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले में रहती है। वृद्धा के पास कोपागंज थाने के पतिला गांव का निवासी श्रीप्रकाश मौर्य आता जाता था।
श्रीनिवास वृद्धा के छोटे मोटे घरेलू कार्य भी कर देता था। इस दौरान उसे यह आभास हो गया था कि रिटायर होने के बाद वृद्धा के पास काफी रुपये होंगे। उसके मन में लालच आ गया। उसने यह बात अपने गांव के ही युवक अमर राय को बताई। अमन राय भी नई माडल की बाइक लेना चाहता था। श्रीप्रकाश भी कुछ अधिक रुपये हासिल करके कोई रोजगार करना चाहता था। इसी योजना के तहत उसने कई बार वृद्धा के घर की रेकी किया।
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योजना के अनुसार चार जुलाई को दोनों वृद्धा के घर पहुंचे। वृद्धा ने दोनों को चाय बनाकर पिलायी। मकान दिखाने के बहाने वृद्धा को ऊपर लेकर गए। उसी दौरान दोनों ने मिलकर वृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्यारों ने ट्रंक काल से रजाई गद्दे निकालकर प्लास्टिक में लपेट कर शव छिपा दिया। इधर वृद्धा का फोन न आने से उनकी बेटी को शंका हुई। वह पांच जुलाई को मां के घर के गईं तो ताला बंद देख हैरत में पड़ गईं। बेटी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बक्से में शव बरामद किया। पुलिस ने एक सप्ताह में घटना का खुलासा करते हुए हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारों के पास से वृद्धा के कान के टप्स, एक अंगूठी, टीवी, मोबाइल और घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद कर लिया।
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सीओ ने बताया कि मृतका गीता पांडेय 62 पत्नी स्व. ओंकार नाथ मूलरूप से आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाने के बस्ती गांव निवासी थीं। वे रिटायर होने के बाद बलिया मोड़ के साई फार्मेसी कालेज मोड़ के पास मकान बनवाकर अकेले रहती थीं। उनकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी थी। उनकी एक शिक्षिका बेटी भी अपने परिवार के साथ ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले में रहती है। वृद्धा के पास कोपागंज थाने के पतिला गांव का निवासी श्रीप्रकाश मौर्य आता जाता था।
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श्रीनिवास वृद्धा के छोटे मोटे घरेलू कार्य भी कर देता था। इस दौरान उसे यह आभास हो गया था कि रिटायर होने के बाद वृद्धा के पास काफी रुपये होंगे। उसके मन में लालच आ गया। उसने यह बात अपने गांव के ही युवक अमर राय को बताई। अमन राय भी नई माडल की बाइक लेना चाहता था। श्रीप्रकाश भी कुछ अधिक रुपये हासिल करके कोई रोजगार करना चाहता था। इसी योजना के तहत उसने कई बार वृद्धा के घर की रेकी किया।
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योजना के अनुसार चार जुलाई को दोनों वृद्धा के घर पहुंचे। वृद्धा ने दोनों को चाय बनाकर पिलायी। मकान दिखाने के बहाने वृद्धा को ऊपर लेकर गए। उसी दौरान दोनों ने मिलकर वृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्यारों ने ट्रंक काल से रजाई गद्दे निकालकर प्लास्टिक में लपेट कर शव छिपा दिया। इधर वृद्धा का फोन न आने से उनकी बेटी को शंका हुई। वह पांच जुलाई को मां के घर के गईं तो ताला बंद देख हैरत में पड़ गईं। बेटी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बक्से में शव बरामद किया। पुलिस ने एक सप्ताह में घटना का खुलासा करते हुए हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारों के पास से वृद्धा के कान के टप्स, एक अंगूठी, टीवी, मोबाइल और घटना में प्रयुक्त मोबाइल बरामद कर लिया।