मऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक तरफ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा था वहीं दूसरी तरफ महिला सामाख्या की बहाली की मांग को लेकर पहुंची महिला सामाख्या से जुड़ी महिलाओं ने अपने हक की आवाज उठा रही थीं। महिला सामाख्या में तैैनात 35 से अधिक कर्मचारियों ने नौकरी बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट जेएन सचान को सौंपा। महिलाओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सामाख्या की बहाली ही उनका सबसे बड़ा सम्मान होगा।
महिला सामाख्या की जिला कार्यक्रम समन्वयक कनक प्रभा सिंह के नेतृत्व में महिला कर्मी सोमवार को जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुईं। यहां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए प्रदेश सरकार से जिले की 35 महिला कर्मियों सहित प्रदेश के महिला सामाख्या कार्यक्रम की 800 महिला कर्मियों की बहाली की मांग की। कहा कि महिला सामाख्या कार्यक्रम से जुड़ी महिला कर्मियों को आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसमें अधिकांश महिलाओं की उम्र 45 वर्ष से ज्यादा है, ऐसे में वे अब नौकरी न होने की दशा में काफी परेशान हैं। प्रदेश सरकार इस कार्यक्रम को फिर शुरू करे और सभी महिला कर्मचारियों की सेवा बहाल करे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का यही महिलाओं के लिए बड़ा सम्मान होगा। बताया कि हम लोगों के प्रयास से ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, एमडीएम तथा अन्य सरकारी योजनाओं की ग्रामीण अंचलों तक पहुंच बनाई थी। चेताया कि सेवा बहाली न होने पर महिला कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगी। ज्ञापन देने वालों में सोनी, आशा, मिथिलेश, नीलम, ममता देवी, गीता, कंचन, विद्यालक्ष्मी, संगीता, सुमंता, सीमा, दुर्गावती, पूनम, बबिता, उर्मिला शामिल रहीं।