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हनुमान पांडे की पत्नी और तत्कालीन एसओ के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज
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कोपागंज। थाना क्षेत्र के लीलारी भरौली गांव निवासी और विधायक मुख्तार अंसारी के शूटर रहे राकेश पांडे उर्फ हनुमान पांडेय की पत्नी सरोज लता पांडे के साथ वर्ष 2004 में थानाध्यक्ष कोपागंज रहे मृत्युंजय मिश्रा के विरुद्घ पुलिस ने सोमवार की शाम धोखाधड़ी और साजिश रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज किया। उप निरीक्षक सविंद्र राय की तहरीर पर दर्ज इस मामले में बताया गया कि गैंगेस्टर हनुमान पांडे के विरुद्ध कई अपराधिक केस दर्ज हैं । इसके बाद भी हनुमान पांडे की पत्नी सरोज लता पांडेय को शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति की गई।
आवेदनकर्ता हनुमान पांडे जानता था, कि उसके विरुद्घ अपराधिक मामले दर्ज है इसके चलते उसने पत्नी के नाम से शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया। लेकिन उसने प्रार्थना पत्र के कॉलम में खुद के अथवा पति के विरोध दर्ज मुकदमे का जिक्र न कर तथ्य छिपा दिया। जिला मुख्यालय से शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया के तहत जब सत्यापन के लिए प्रार्थना पत्र कोपागंज थाने की पुलिस के पास आया तो तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा ने विभागीय दस्तावेजों में दर्ज हनुमान पांडे के अपराधिक इतिहास को नजर अंदाज करते हुए शस्त्र लाइसेंस के लिए अपनी संस्तुति दे दी। चूंकि हनुमान पांडे की पत्नी सरोजलता पांडे भी पति के अपराधिक इतिहास से परिचित थी और उसे यह भी पता था कि पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है फिर भी उसने इस धोखाधड़ी में पति का साथ दिया। तत्कालीन एसओ की संस्तुति पर सरोज लता पांडे को डीबीबीएल शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत हो गया।
यह प्रकरण वर्ष 2004 का है। पुलिस के अनुसार सरोज लता पांडे के नाम पर स्वीकृत असलहा हनुमान पांडे ही लेकर चलता था। बाद में पता चलने पर 8 जुलाई 2020 को हनुमान पांडे के विरुद्ध कोपागंज थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उधर बाद में हनुमान पांडे का लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ एनकाउंटर हो गया। इधर 24 अगस्त 2020 की शाम को इस मामले में हनुमान पांडे की पत्नी सरोज लता पांडे और सरोज लता पांडे के नाम से शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
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इस बाबत थानाध्यक्ष अजय तिवारी का कहना है कि सरोज लता पांडे और तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय पांडे मिश्रा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तत्कालीन मृत्युंजय मिश्रा इस समय कहां पर तैनात हैं अथवा सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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आवेदनकर्ता हनुमान पांडे जानता था, कि उसके विरुद्घ अपराधिक मामले दर्ज है इसके चलते उसने पत्नी के नाम से शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया। लेकिन उसने प्रार्थना पत्र के कॉलम में खुद के अथवा पति के विरोध दर्ज मुकदमे का जिक्र न कर तथ्य छिपा दिया। जिला मुख्यालय से शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया के तहत जब सत्यापन के लिए प्रार्थना पत्र कोपागंज थाने की पुलिस के पास आया तो तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा ने विभागीय दस्तावेजों में दर्ज हनुमान पांडे के अपराधिक इतिहास को नजर अंदाज करते हुए शस्त्र लाइसेंस के लिए अपनी संस्तुति दे दी। चूंकि हनुमान पांडे की पत्नी सरोजलता पांडे भी पति के अपराधिक इतिहास से परिचित थी और उसे यह भी पता था कि पति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है फिर भी उसने इस धोखाधड़ी में पति का साथ दिया। तत्कालीन एसओ की संस्तुति पर सरोज लता पांडे को डीबीबीएल शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत हो गया।
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यह प्रकरण वर्ष 2004 का है। पुलिस के अनुसार सरोज लता पांडे के नाम पर स्वीकृत असलहा हनुमान पांडे ही लेकर चलता था। बाद में पता चलने पर 8 जुलाई 2020 को हनुमान पांडे के विरुद्ध कोपागंज थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उधर बाद में हनुमान पांडे का लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ एनकाउंटर हो गया। इधर 24 अगस्त 2020 की शाम को इस मामले में हनुमान पांडे की पत्नी सरोज लता पांडे और सरोज लता पांडे के नाम से शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति करने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
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इस बाबत थानाध्यक्ष अजय तिवारी का कहना है कि सरोज लता पांडे और तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय पांडे मिश्रा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तत्कालीन मृत्युंजय मिश्रा इस समय कहां पर तैनात हैं अथवा सेवानिवृत्त हो चुके हैं।