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याद आए शहीद ब्रिगेडियर उस्मान
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:32 PM IST
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अमर शहीद व महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर उस्मान की 67वीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव बीबीपुर में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इसके बाद रोजा अफ्तार का आयोजन किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि मातृ भूमि की रक्षा के दौरान शहीद होने पर उसे पूरी दुनिया याद करती है जिसका उदाहरण आज देखने को मिल रहा है।
अमर शहीद ब्रिगेडियर उस्मान की शहादत के 67 साल बीत जाने के बाद भी उनकी आत्मा अमर है। समारोह के माध्यम से हम उसे याद कर रहे हैं। उस्मान के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सन 1948 में जब पाकिस्तानी सेना ने धावा बोल कर झंगर व नौशेरा सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया था तब ब्रिगेडियर उस्मान के अदम्य साहस व भारतीय सैनिकों के सहयोग से उन पाक सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए।
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अंतत: उन्हें झंगर व नौशेरा की पहड़ियों से भागना पड़ा, लेकिन पाकिस्तानी सेना द्वारा बिछाई गई बारुदी सुरंग से तीन जुलाई 1948 को हुए विस्फोट से भारतीय सेना का यह वीर नायक हमेशा के लिए सो गया।
शहादत के पश्चात भारत सरकार ने इस वीर के अदम्य साहस व वीरता का सम्मान करते हुए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया। समारोह को विधायक प्रतिनिधि एमएस मुजाहिद, फजलुर्रहमान, उमेश चंद्र पांडेय, सुहेल अहमद, मुन्ना गुप्ता, डा. मुन्ना यादव, रामनरायन आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता पूर्व वायुसेना अधिकारी रामअधार यादव ने किया।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि मातृ भूमि की रक्षा के दौरान शहीद होने पर उसे पूरी दुनिया याद करती है जिसका उदाहरण आज देखने को मिल रहा है।
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अमर शहीद ब्रिगेडियर उस्मान की शहादत के 67 साल बीत जाने के बाद भी उनकी आत्मा अमर है। समारोह के माध्यम से हम उसे याद कर रहे हैं। उस्मान के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सन 1948 में जब पाकिस्तानी सेना ने धावा बोल कर झंगर व नौशेरा सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया था तब ब्रिगेडियर उस्मान के अदम्य साहस व भारतीय सैनिकों के सहयोग से उन पाक सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए।
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अंतत: उन्हें झंगर व नौशेरा की पहड़ियों से भागना पड़ा, लेकिन पाकिस्तानी सेना द्वारा बिछाई गई बारुदी सुरंग से तीन जुलाई 1948 को हुए विस्फोट से भारतीय सेना का यह वीर नायक हमेशा के लिए सो गया।
शहादत के पश्चात भारत सरकार ने इस वीर के अदम्य साहस व वीरता का सम्मान करते हुए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया। समारोह को विधायक प्रतिनिधि एमएस मुजाहिद, फजलुर्रहमान, उमेश चंद्र पांडेय, सुहेल अहमद, मुन्ना गुप्ता, डा. मुन्ना यादव, रामनरायन आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता पूर्व वायुसेना अधिकारी रामअधार यादव ने किया।