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पंजीकृत किसानों को आनलाइन निर्धारित किए जाएंगे क्रय केंद्र

Fri, 26 Mar 2021 11:07 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Mar 2021 11:07 PM IST
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Registered farmers will have online purchasing centers
मऊ। गेहूं खरीदने के लिए इस बार शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। ऑनलाइन सत्यापन होते ही किसानों को क्रय केंद्र निर्धारित कर दिया जाएगा। किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद तहसील के अधिकारियों को तीन दिन के अंदर ऑनलाइन सत्यापन करना अनिवार्य होगा। सरकारी गेहूं खरीद ई-पॉश मशीन के माध्यम से होगी। गेहूं खरीद के लिए शासन की तरफ से कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है।
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जिले के चार क्रय एजेंसियों के 48 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद होगी। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। एमएसपी पर 2021-22 को लेकर गेहूं खरीद के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। गेहूं की खरीद एक अप्रैल से 15 जून तक होगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस बार शासन की तरफ से नई पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है। लापरवाह अधिकारियों पर शिकंजा कसा गया है। नई खरीद नीति के तहत ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही किसानों के लिए क्रय केंद्र निर्धारित किए जाएंगे। अभी तक यह होता रहा है कि किसान इधर-उधर केंद्रों पर अपनी फसल बेच देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। किसानों का गांव जिस क्रय केंद्र पर पंजीकृत होगा उसी केंद्र पर गेहूं बेच पाएंगे। ऑनलाइन सत्यापन होते ही किसानों के मोबाइल नंबर पर क्रय केंद्र का नाम और टोकन का मैसेज आएगा।
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जिले में 48 क्रय केंद्रों पर होगी खरीद
गेहूं खरीद के लिए शासन की तरफ से चार एजेंसियों के 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें पीसीएफ के 33, विपणन के 13, मंडी समिति के एक और एफसीआई का एक केंद्र बनाया गया है। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी वीके सिंहा का कहना है कि आनलाइन पंजीकरण होते ही आनलाइन सत्यापन के बाद किसानों के मोबाइल पर क्रय केंद्र का नाम, टोकन मैसेज चला जाएगा। सरकारी गेहूं खरीद ई-पॉश मशीन से होगी।
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इनसेट
इस बार ई-पॉश मशीन से होगी गेेहूं खरीद:
मऊ। गेहूं खरीद में इस वर्ष फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। ई-पॉश मशीन में ऐसा सॉफ्टवेयर डाला गया है जो उसी किसान का फिंगर प्रिंट लेगा, जिसका नाम और आधार नंबर पंजीकृत होगा। पंजीकरण के दौरान दर्ज होने वाला आधार नंबर छिपा होगा और मशीन पर पंजीकरण नंबर डालने पर ही आधार नंबर शो करेगा। इससे असली और नकली किसान की पहचान करने में आसानी होगी। एक मार्च से किसानों का आनलाइन रजिस्ट्रेशन चल रहा है। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान के किसी भी सदस्य को भी शामिल किया जा रहा है। ताकि किसान के बीमार व फंसे होने पर परिवार का सदस्य गेहूं को बेच सके।
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