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घाघरा का जलस्तर घटा, कटान जारी
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 25 Aug 2016 11:21 PM IST
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दोहरीघाट के तटवर्ती इलाके में घाघरा नदी से हो रही कटान।
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घाघरा के जल स्तर में लगातार कमी हो रही है, लेकिन कटान जारी है। गुरुवार को घाघरा के जलस्तर में 23 सेमी की कमी दर्ज की गई। जैसे-जैसे जलस्तर घट रहा, कटान बढ़ रही है। कटान तेज होने से दोहरीघाट कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों में दहशत है। क्योंकि नदी के कटान की जद में दोहरीघाट बाजार के साथ-साथ एतिहासिक धरोहरें भी हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार के साथ जिला प्रशासन की तरफ से कोई स्थायी समाधान नहीं ढूढा जा रहा।
घाघरा का जलस्तर लगातार एक सप्ताह से घटते रहने के बाद भी कटान का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गुरुवार को घाघरा का जल स्तर 68.95 मीटर रहा। 24 घंटे में 23 सेमी का घटाव दर्ज किया गया। बुधवार को नदी का जलस्तर 69.18 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर आंका गया है। घटाव के बाद भी श्मशान घाट के दक्षिण तथा खाकी बाबा की कुटी पर अब भी कटान जारी है। खाकी बाबा की कुटी पर कटान जारी रहने से श्री गौरी गणेश मंदिर, प्राचीन मंदिर और उपासना मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में है।
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घाघरा का जलस्तर लगातार एक सप्ताह से घटते रहने के बाद भी कटान का क्रम जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गुरुवार को घाघरा का जल स्तर 68.95 मीटर रहा। 24 घंटे में 23 सेमी का घटाव दर्ज किया गया। बुधवार को नदी का जलस्तर 69.18 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर आंका गया है। घटाव के बाद भी श्मशान घाट के दक्षिण तथा खाकी बाबा की कुटी पर अब भी कटान जारी है। खाकी बाबा की कुटी पर कटान जारी रहने से श्री गौरी गणेश मंदिर, प्राचीन मंदिर और उपासना मंदिर सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में है।
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