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रैनबसेरा तो नहीं लेकिन अलाव बन रही ठंड से बचाव का रास्ता

Tue, 05 Jan 2021 12:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 12:02 AM IST
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Ranbasera is not but a way to prevent the cold from becoming a bonfire
अलाव बन रही ठंड से बचाव का रास्ता
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रात का रिर्पोटर बनकर चार चौराहे पर अलाव, रैनबसेरा का लिया जायजा
फोटो :
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। सोमवार को दोहरीघाट में रोडवेज बस में बैठे एक यात्री की ठंड से मौत हो गई। वहीं बीते माह में भी कोपागंज तथा दुबारी निवासी दो अधेड़ की मौत ठंड के वजह से हो चुकी है। इस प्रकार जिले में तीन लोगों की ठंड से जान जा चुकी है। बावजूद इसके जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ने के बाद जिम्मेदार इसको लेकर संजीदा नहीं दिख रहे है। औपचारिकता दिखाते हुए नगर पालिका ने नगर के तीन जगहों पर रैनबसेरा तो बना दिया है। लेकिन इसका प्रचार-प्रसार नहीं होने तथा मुख्य मार्गों से हटकर अंदर बने गुमनाम जगह पर बने रैन बसेरा राहगीरों की पहुंच से दूर है। वहीं अलाव की व्यवस्था भी कुछ जगहों पर है तो कुछ जगहों से नदारद है।जिम्मेदारों की मानीटरिंग न करने से यह लापरवाही अमर उजाला को रविवार की रात 11 बजे से 12 बजे तक चार चौराहें पर रिर्पोटिंग के दौरान दिखी।
केवल तीमारदार ही पहुंच सकते हैं रैनबसेरा में
मऊ। अमर उजाला की टीम सबसे पहले रात 11 बजे गाजीपुर तिराहा से महज 50 मीटर दूर जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष के पास बने रैनबसेरा पहुंची। टीम को 20 लोगों की क्षमता वाले इस रैनबसेरा में केवल पांच लोग ही ठहरे हुए मिले। जानकारी लेने पर पता चला कि ठहरे लोग अस्पताल में आए एक मरीज के परिजन है। इस दौरान रैनबसेरा के बाहर अलाव जलती मिली। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि इस रैनबसेरा की जानकारी सभी को नहीं होने के चलते बमुश्किल इसमें केवल अस्पताल में आने वाले मरीज के परिजन ही रुकते है।
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गाजीपुर तिराहा 11.10 बजे
मऊ। गाजीपुर तिराहा पर 11.10 पर पहुंचने पर पाया कि वहां पर पुलिस की कोई पिकेट मौजूद नहीं थी।नगर के मुख्य तिराहा होने के बाद भी यहां सन्नाटा छाया हुआ था।
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आजमगढ़ मोड़ 11.20 बजे
मऊ। गाजीपुर तिराहा के बाद टीम नगर के दूसरे मुख्य तिराहा आजमगढ़ मोड़ पर पहुंची।यहां नगर पालिका द्वारा जलाए गए अलाव को रिक्शा चालक और राहगीर तापते मिले। वहीं 10 मिनट बाद रोडवेज परिसर में बने रैनबसेरा में टीम पहुंची। 20 लोगों की क्षमता वाले रैनबसेेेरा में केवल 6 लोग ठहरे मिले, इसमें भी देर रात जानी वाली बस के यात्री थे। वहीं रोडवेज डिपो के बाहर नगर पालिका द्वारा जलाया गया अलाव के पास कई यात्रियों से आग से बचाव करते दिखे।

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बालनिकेतन पर सन्नाटा, काम करते मिले कोतवाल
मऊ। रोडवेज के बाद टीम बाल निकेतन तिराहा पर 11.35 पर पहुंची। तिराहा पर सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं अलाव यहां दूर दूर तक जलता नहीं दिखा। तिराहा के दूसरी तरफ बने शहर कोतवाली में पहुंची टीम को कोतवाल रामसिंह अपने कार्यों का निपटाते मिले। वहीं कोतवाली के अंदर मुंशी भी मौजूद मिले। कोतवाली के बाद टीम सिंधी कॉलोनी के पास पहुंची, जहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनी हठ्ठी मदारी पुलिस चौकी पर ताला बंद होना मिला। वहीं सदर चौराहा पर सन्नाटा पसरा मिला, आखिर में टीम रात 12 बजे संस्कृत पाठशाला पहुंची। यहां बनी पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही ड्यूटी करते दिखे।
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