फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Radiologist returns to duty; medico-legal work resumes after a 72-hour break.

Mau News: ड्यूटी पर लौटे रेडियोलॉजिस्ट, 72 घंटे के ब्रेक के बाद शुरू हुआ मेडिकोलीगल

Sun, 23 Aug 2026 01:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:22 AM IST
विज्ञापन
Radiologist returns to duty; medico-legal work resumes after a 72-hour break.
मऊ। जिले के साथ आजमगढ़ के मेडिकोलीगल जांच कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अतिरिक्त कार्यभार के चलते तीन दिन पहले अवकाश पर गए जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु जायसवाल शनिवार को ड्यूटी पर लौट आए। उन्होंने मऊ के साथ आजमगढ़ के मेडिकोलीगल मरीजों की जांच भी शुरू कर दी। शनिवार को पांच से अधिक मरीजों की मेडिकोलीगल जांच की गई। सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि डॉ. हिमांशु जायसवाल ने शनिवार को दोबारा ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। इसके साथ ही मऊ और आजमगढ़ के मेडिकोलीगल मरीजों की जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

आजमगढ़ में रेडियोलॉजिस्ट न होने से लिया गया था फैसला
सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि आजमगढ़ जिले में वर्तमान में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण वहां के मेडिकोलीगल मरीजों की जांच मऊ जिला अस्पताल में कराने का आदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिया गया था। पहले अस्पताल में रोजाना पांच से छह मरीजों की जांच होती थी। इसके बाद आजमगढ़ के 12 से 15 अतिरिक्त मरीजों का भार बढ़ गया। दोनों जिलों में अन्य रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण डॉक्टर के अवकाश पर जाने से मरीजों के सामने मेडिकोलीगल जांच कराने के लिए वाराणसी जाने की स्थिति पैदा हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने संबंधित डॉक्टर से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद उन्होंने दोबारा जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन

अतिरिक्त कार्यभार के बीच डॉ. हिमांशु बिना सूचना अवकाश पर चले गए थे। इस मामले में सीएमएस की ओर से नोटिस चस्पा करने के साथ जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी अवगत कराया गया था। साथ ही नए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेडिकोलीगल जांच में रेडियोलॉजिस्ट की अहम भूमिका
सीएमएस ने बताया कि मेडिकोलीगल जांच में रेडियोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई के माध्यम से चोट, मृत्यु के कारण और शरीर में बाहरी वस्तुओं की सटीक पहचान करने में रेडियोलॉजिस्ट की विशेषज्ञता काम आती है। फॉरेंसिक रेडियोलॉजी के माध्यम से उम्र निर्धारण, बाल शोषण और शव की पहचान जैसे मामलों में भी महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जो कानूनी कार्रवाई में निर्णायक साबित होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed