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शिक्षक पद पर किया जाए पदोन्नति
mau news
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:54 PM IST
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नगर स्थित डीआईओएस कार्यालय पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते जिलाध्यक्ष संजय उपाध्याय।
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मऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर एसोसिएशन के तत्वावधान में जिले के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित वित्त एवं लेखाधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि सरकार की तरफ से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं का समाधान कराने के बजाय लटका दिया गया है।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शिक्षक पद पर पदोन्नति किया जाए। राज्य कर्मचारियों की भांति अवकाश नगदीकरण तथा समान पेंशन की सुविधा प्रदान किया जाए। नियम 22 बी का लाभ पूर्व की भांति, राज्य कर्मचारियों की भांति चिकित्सा सुविधा, नियमित नियुक्ति की व्यवस्था की जाए। प्रदेशीय उपाध्यक्ष गिरीश राय शर्मा ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े कर्मचारियों की समस्याओं तथा हमारी जायज मांगों को न माना जाना सरकार की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। एक तरफ राज्य कर्मचारियों को सारी सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेशीय मंत्री कमल नरायन सिंह ने कहा कि एक ही राज्य में राज्य कर्मचारियों को अलग व्यवस्था तथा हम शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अलग व्यवस्था सरकार की दोमुही पालिसी का हिस्सा है, इसे हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिला उपाध्यक्ष बलवंत पांडेय ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों के कर्मचारियों की सेवा नियमावली बनाया जाए। पेंशन सहित पूर्ण वेतन तथा राज्य कर्मचारियों की भांति देय ग्रेच्यूटी व्यवस्था को न मानना सरकार की कर्मचारी विरोधी व्यवस्था को दर्शाता है। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित वित्त एवं लेखाधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। धरने को जिला मंत्री भूपेंद्र सिंह, दिवाकर राय शर्मा, ब्रज भूषण मिश्र, रमावती, बृजमोहन यादव, मुहम्मद वैश, अखिलेश यादव, कपूरचंद पांडेय, रविंद्र सिंह, राजीव द्विवेदी, विश्राम सिंह, जमशेद अहमद आदि ने संबोधित किया। धरने में अशोक सिंह, शिव प्रकाश शुक्ल, देवेश दुबे, ओमजी, विरेंद्र , प्रेम कुमार, मृत्युंजय उपाध्याय, शरद कुमार सिंह, रामू यादव, जगदम्बा प्रसाद चैहान, अजातशत्रु, सत्यनारानय सिंह, संजय सिंह, मुहम्मद फैशल, विवेक सिंह आदि ने संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि सरकार की तरफ से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं का समाधान कराने के बजाय लटका दिया गया है।
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शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को शिक्षक पद पर पदोन्नति किया जाए। राज्य कर्मचारियों की भांति अवकाश नगदीकरण तथा समान पेंशन की सुविधा प्रदान किया जाए। नियम 22 बी का लाभ पूर्व की भांति, राज्य कर्मचारियों की भांति चिकित्सा सुविधा, नियमित नियुक्ति की व्यवस्था की जाए। प्रदेशीय उपाध्यक्ष गिरीश राय शर्मा ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े कर्मचारियों की समस्याओं तथा हमारी जायज मांगों को न माना जाना सरकार की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। एक तरफ राज्य कर्मचारियों को सारी सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेशीय मंत्री कमल नरायन सिंह ने कहा कि एक ही राज्य में राज्य कर्मचारियों को अलग व्यवस्था तथा हम शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अलग व्यवस्था सरकार की दोमुही पालिसी का हिस्सा है, इसे हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिला उपाध्यक्ष बलवंत पांडेय ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों के कर्मचारियों की सेवा नियमावली बनाया जाए। पेंशन सहित पूर्ण वेतन तथा राज्य कर्मचारियों की भांति देय ग्रेच्यूटी व्यवस्था को न मानना सरकार की कर्मचारी विरोधी व्यवस्था को दर्शाता है। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित वित्त एवं लेखाधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। धरने को जिला मंत्री भूपेंद्र सिंह, दिवाकर राय शर्मा, ब्रज भूषण मिश्र, रमावती, बृजमोहन यादव, मुहम्मद वैश, अखिलेश यादव, कपूरचंद पांडेय, रविंद्र सिंह, राजीव द्विवेदी, विश्राम सिंह, जमशेद अहमद आदि ने संबोधित किया। धरने में अशोक सिंह, शिव प्रकाश शुक्ल, देवेश दुबे, ओमजी, विरेंद्र , प्रेम कुमार, मृत्युंजय उपाध्याय, शरद कुमार सिंह, रामू यादव, जगदम्बा प्रसाद चैहान, अजातशत्रु, सत्यनारानय सिंह, संजय सिंह, मुहम्मद फैशल, विवेक सिंह आदि ने संबोधित किया।
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