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आरटीई के तहत दाखिला देने में कतरा रहे निजी स्कूल

Fri, 22 Oct 2021 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 10:42 PM IST
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Private schools are hesitant to give admission under RTE
मऊ। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत हर साल आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिए जाने की राह आसान नजर नहीं आ रही है। स्थित यह है कि निजी स्कूल गरीबों के शिक्षा का अधिकार पाने की राह में रोड़ा बनते नजर आ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन बहाने बनाकर इस प्रक्रिया से बचते नजर आ रहे हैं। इस साल की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हुए काफी समय बीत गया है। लेकिन अभी तक आरटीई के तहत बच्चों का दाखिला नहीं हो सका है। बच्चे और अभिभावक अधिकारियों से लेकर निजी स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं।
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शुक्रवार को कई अभिभावक बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और निजी स्कूलों द्वारा दाखिला न दिए जाने को लेकर पत्रक सौंपा। अभिभावकों का आरोप है कि उनके बच्चों का नाम लिस्ट में आने के बाद भी शहर के कई निजी स्कूल दाखिला देने में आना-कानी कर रहे हैं। स्कूलों की मनमानी के कारण कई बच्चे प्रवेश पाने से वंचित रह गए हैं। हालांकि नियम यह है कि आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई का मौका मिलता है। शुक्रवार को आरटीई कार्यकर्ता छवि सिंह और सहयोगियों के साथ कांशीराम आवासीय कालोनी निवासी सरिता विश्वकर्मा, बिगनी देवी, प्रीती मद्धेशिया तथा भीटी निवासी रीता विश्वकर्मा बीएसए कार्यालय पहुंचीं और इसकी शिकायत की।
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