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जन्माष्टमी पर सजेंगी झांकियां
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 05 Sep 2015 12:07 AM IST
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भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को मनाए जाने की तैयारियां शुक्रवार को पूरी हो गईं। पर्व के मौके पर पूजा पंडालों में स्थापित होनी वाली प्रतिमाओं को फाइनल टच देने में मूर्ति कलाकार लगे रहे। पुलिस लाइन और नगर के सिंधी कालोनी सहित कई स्थानों पर मनोहारी झांकियां सजाई जाएंगी। साथ ही इन स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन भी होंगे।
बताया जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रात्रि के समय कारागार में हुआ था जहां कंस ने उनके माता-पिता को बंदी बनाकर एक कारागृह में रखा था। जन्म के तुरंत पश्चात उनके पिता वासुदेव ने उनको उसी रात्रि एक टोकरी में रखकर अपने मित्र नंद और यशोदा के घर पहुंचाया था।
जन्माष्टमी व्रत को अपना कर भक्त समस्त संकटों से मुक्ति पाता है. इसी प्रकार एक अन्य ग्रंथ ब्रह्मपुराण में कहा गया है कि कलियुग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में अट्ठाइसवें युग में देवकी के पुत्र श्रीकृष्ण उत्पन्न हुए तथा भविष्यपुराण में कहा गया है कि जन्माष्टमी व्रत को जो मनुष्य नहीं करता, वह राक्षस के समान होता है।
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इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान का विधि विधान से पूजन अर्चन करेंगे। पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए भक्त तैयारी को अंतिम रूप देने में लगे रहे।
इस बार भी खास तौर से पुलिस लाइन और नगर के सिंधी कालोनी सहित कई स्थानों पर मनोहारी झांकियां सजाई जाएंगी। साथ ही इन स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन भी होंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को देखते हुए नगर सहित जिले के कई इलाकों में बन रही भगवान श्रीकृष्ण, राधा सहित विभिन्न प्रतिमाओं को अंतिम रुप देने में कलाकार लगे रहे। उधर, पर्व के मौके पर इस बार भी पुलिसकर्मियों की ओर से पुलिस लाइन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार सिंधी कालोनी पर भी परंपरागत तौर पर भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी झांकी सजाई जाने की तैयारियां पूरी हो चुकी थी।
नगर क्षेत्र के शीतला माता धाम, मठिया टोला शिवाला, औरंगाबाद, कैलाशपुरी मंदिर, हनुमानघाट, ढेकुलियाघाट, पावर हाउस कालोनी स्थित श्रीराम मंदिर और बाल निकेतन के अलावा सहादतपुरा तथा भीटी जैसे स्थानों पर स्थित मंदिरों को सजाने में भक्त लगे रहे।
उधर, जन्माष्टमी पर्व की पूर्व संध्या पर नगर सहित जिले के विभिन्न स्कूलों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने कृष्ण, राधा व गोपी का रुप धारण कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर क्षेत्र के फातिमा तिराहा स्थित किड्स केयर स्कूल में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य लघुता सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी कहानी सुनाकर कार्यक्रम का आरंभ किया। नगर के बकवल स्थित राज इंटर कालेज में विद्यालय के प्ले ग्रुप के बच्चों ने मनमोहक झांकी का प्रदर्शन किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य माधुरी सिंह ने जन्माष्टमी पर्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। नगर क्षेत्र के कंधेरी स्थित मांटेसरी स्कूल के प्रांगण में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया।
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बताया जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रात्रि के समय कारागार में हुआ था जहां कंस ने उनके माता-पिता को बंदी बनाकर एक कारागृह में रखा था। जन्म के तुरंत पश्चात उनके पिता वासुदेव ने उनको उसी रात्रि एक टोकरी में रखकर अपने मित्र नंद और यशोदा के घर पहुंचाया था।
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जन्माष्टमी व्रत को अपना कर भक्त समस्त संकटों से मुक्ति पाता है. इसी प्रकार एक अन्य ग्रंथ ब्रह्मपुराण में कहा गया है कि कलियुग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी में अट्ठाइसवें युग में देवकी के पुत्र श्रीकृष्ण उत्पन्न हुए तथा भविष्यपुराण में कहा गया है कि जन्माष्टमी व्रत को जो मनुष्य नहीं करता, वह राक्षस के समान होता है।
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इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान का विधि विधान से पूजन अर्चन करेंगे। पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए भक्त तैयारी को अंतिम रूप देने में लगे रहे।
इस बार भी खास तौर से पुलिस लाइन और नगर के सिंधी कालोनी सहित कई स्थानों पर मनोहारी झांकियां सजाई जाएंगी। साथ ही इन स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन भी होंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को देखते हुए नगर सहित जिले के कई इलाकों में बन रही भगवान श्रीकृष्ण, राधा सहित विभिन्न प्रतिमाओं को अंतिम रुप देने में कलाकार लगे रहे। उधर, पर्व के मौके पर इस बार भी पुलिसकर्मियों की ओर से पुलिस लाइन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार सिंधी कालोनी पर भी परंपरागत तौर पर भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी झांकी सजाई जाने की तैयारियां पूरी हो चुकी थी।
नगर क्षेत्र के शीतला माता धाम, मठिया टोला शिवाला, औरंगाबाद, कैलाशपुरी मंदिर, हनुमानघाट, ढेकुलियाघाट, पावर हाउस कालोनी स्थित श्रीराम मंदिर और बाल निकेतन के अलावा सहादतपुरा तथा भीटी जैसे स्थानों पर स्थित मंदिरों को सजाने में भक्त लगे रहे।
उधर, जन्माष्टमी पर्व की पूर्व संध्या पर नगर सहित जिले के विभिन्न स्कूलों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने कृष्ण, राधा व गोपी का रुप धारण कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर क्षेत्र के फातिमा तिराहा स्थित किड्स केयर स्कूल में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य लघुता सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी कहानी सुनाकर कार्यक्रम का आरंभ किया। नगर के बकवल स्थित राज इंटर कालेज में विद्यालय के प्ले ग्रुप के बच्चों ने मनमोहक झांकी का प्रदर्शन किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य माधुरी सिंह ने जन्माष्टमी पर्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। नगर क्षेत्र के कंधेरी स्थित मांटेसरी स्कूल के प्रांगण में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया।