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141 मसजिदों ईदगाहों पर पढ़ी गई नमाज
Updated Fri, 03 Jul 2015 11:43 PM IST
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जुमा के दिन हुई बारिश से रोजेदारों को राहत मिली, शुक्रवार को रमजान माह के 15वें रोजे और तीसरे जुमे के दिन मसजिदों में खासी भीड़ रही। मुस्लिमों ने रोजा रखने के साथ ही पांचों वक्त की नमाज अदा कर खुदा की इबादत की। इसके चलते नगर सहित जिले की 141 मसजिदों व ईदगाहों पर अकीदतमंद की भारी भीड़ रही।
पवित्र रमजान माह के तीसरे जुमे के चलते नगर के जामा मसजिद रघुनाथपुरा बाग, पहाड़पुरा जामा मसजिद, दारुदल कुरआन बुलाकीपुरा, मसजिद अनस बुलाकीपुरा, जामा मसजिद धोबिया इमली, जामा मसजिद बेलाल सहित जिले के प्रमुख मसजिदों व ईदगाहों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा की। भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
लोग तरावीह के माध्यम से अपना अधिकांश समय रोजा रखने और खुदा की इबादत करने में ही व्यस्त नजर आए। जुमे की नमाज खत्म होने के बाद सड़क पर जाम की स्थिति रही। अपराह्न बाद बाद बारिश होने से गर्मी व उमस से परेशान रोजेदारों को राहत मिली। रमजान इस्लामी मूल्यांकनों का नौवां महीना है।
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इस्लामी महीने का हिसाब चाँद देखकर होता है। यह क़मरी महीनों में नौवां महीना है, इस पूरे महीने में अनिवार्य कर्तव्य हैं। इसी में एक रात ऐसी है जिसमें इबादत हजार महीने की इबादत से बेहतर है। रमजान का महीना बेहद पाक और रहमतों वाला होता है। इस महीने में इबादत का ज्यादा फल मिलता है।
रमजान में रोजा रखने का खास महत्व होता है। रमजान के मद्देनजर देर शाम तक बाजारों में चहल पहल रह रही है। हर तरफ सेवई, खजूर व ब्रेड व अन्य खाद्य सामग्री की सजी दूकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन अघोषित बिजली कटौती से रोजेदारों को तमाम समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है।
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पवित्र रमजान माह के तीसरे जुमे के चलते नगर के जामा मसजिद रघुनाथपुरा बाग, पहाड़पुरा जामा मसजिद, दारुदल कुरआन बुलाकीपुरा, मसजिद अनस बुलाकीपुरा, जामा मसजिद धोबिया इमली, जामा मसजिद बेलाल सहित जिले के प्रमुख मसजिदों व ईदगाहों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने नमाज अदा की। भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
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लोग तरावीह के माध्यम से अपना अधिकांश समय रोजा रखने और खुदा की इबादत करने में ही व्यस्त नजर आए। जुमे की नमाज खत्म होने के बाद सड़क पर जाम की स्थिति रही। अपराह्न बाद बाद बारिश होने से गर्मी व उमस से परेशान रोजेदारों को राहत मिली। रमजान इस्लामी मूल्यांकनों का नौवां महीना है।
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इस्लामी महीने का हिसाब चाँद देखकर होता है। यह क़मरी महीनों में नौवां महीना है, इस पूरे महीने में अनिवार्य कर्तव्य हैं। इसी में एक रात ऐसी है जिसमें इबादत हजार महीने की इबादत से बेहतर है। रमजान का महीना बेहद पाक और रहमतों वाला होता है। इस महीने में इबादत का ज्यादा फल मिलता है।
रमजान में रोजा रखने का खास महत्व होता है। रमजान के मद्देनजर देर शाम तक बाजारों में चहल पहल रह रही है। हर तरफ सेवई, खजूर व ब्रेड व अन्य खाद्य सामग्री की सजी दूकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लेकिन अघोषित बिजली कटौती से रोजेदारों को तमाम समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है।