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जीएसटी खत्म करने के लिए दुआख्वानी
mau news
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:28 PM IST
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दुआख्वानी करते लोग।
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कपड़ा व साड़ी उद्योग को जीएसटी के दायरे से बाहर लाने के लिए जिला मुख्यालय पर नगर के कपड़ा व्यवसायियों द्वारा जारी धरना 14 वें दिन भी चला। व्यापारी अपने-अपने कारोबार को बंद करके कौड़ी बिल्डिंग पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना में खैराबाद की मसजिद में बुनकरों ने जीएसटी हटाए जाने के लिए दुआख्वानी की।
इस अवसर पर मऊ हैंडलूम कुटीर उद्योग के सचिव अजहर कमाल फैजी ने कहा कि केंद्र द्वारा कपड़े पर लगाया गया जीएसटी जब तक नहीं हटेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में मुख्य रूप से जमाल अर्पण, हाजी मुस्तफा, सादाब खान आदि शामिल रहे। मुहम्मदाबाद गोहना संवाददाता के अनुसार खैराबाद गांव स्थित जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में जुटे बुनकरों व साड़ी कारोबारियों ने सरकार की सद्बुद्धि और अपने व्यापार की सलामती के लिए दुआख्वानी की। साथ ही जीएसटी को समाप्त किए जाने तक कारोबार बंद रखने का निर्णय लिया। कपड़ा व साड़ी उत्पादन से लेकर बिक्री करने तक की प्रक्रिया को जीएसटी दायरे में लाने के खिलाफ देश में कपड़ा व्यापार से जुडे़ लोग इसे समाप्त करने को लेकर आंदोलनरत है। इस दौरान मौजूद मुफ्ती जावेद, मौलवी अजीजुर्रहमान कारी वसीम,अब्दुल जलील, हाजी सगीर आदि ने कहा कि मुल्क में बुनकरों का एकमात्र कारोबार साड़ी व कपड़ा का है। आजादी के बाद पहली मर्तबा जीएसटी लगाने से हमारे कारोबार पर असर पड़ रहा है।
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इस अवसर पर मऊ हैंडलूम कुटीर उद्योग के सचिव अजहर कमाल फैजी ने कहा कि केंद्र द्वारा कपड़े पर लगाया गया जीएसटी जब तक नहीं हटेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में मुख्य रूप से जमाल अर्पण, हाजी मुस्तफा, सादाब खान आदि शामिल रहे। मुहम्मदाबाद गोहना संवाददाता के अनुसार खैराबाद गांव स्थित जामा मस्जिद में हजारों की संख्या में जुटे बुनकरों व साड़ी कारोबारियों ने सरकार की सद्बुद्धि और अपने व्यापार की सलामती के लिए दुआख्वानी की। साथ ही जीएसटी को समाप्त किए जाने तक कारोबार बंद रखने का निर्णय लिया। कपड़ा व साड़ी उत्पादन से लेकर बिक्री करने तक की प्रक्रिया को जीएसटी दायरे में लाने के खिलाफ देश में कपड़ा व्यापार से जुडे़ लोग इसे समाप्त करने को लेकर आंदोलनरत है। इस दौरान मौजूद मुफ्ती जावेद, मौलवी अजीजुर्रहमान कारी वसीम,अब्दुल जलील, हाजी सगीर आदि ने कहा कि मुल्क में बुनकरों का एकमात्र कारोबार साड़ी व कपड़ा का है। आजादी के बाद पहली मर्तबा जीएसटी लगाने से हमारे कारोबार पर असर पड़ रहा है।
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