{"_id":"240d69b38e724379889552fa3276f264","slug":"power-cuts-protest-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कटौती से चौपट हो रही खेती पर किसानों ने दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कटौती से चौपट हो रही खेती पर किसानों ने दिया धरना
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 30 Jul 2015 11:17 PM IST
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रतनपुरा, अरदौना, हलधरपुर विद्युत उपकेंद्र की बदहाली के कारण इलाके में बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। खेेती किसानी चौपट हो रही है। गुरुवार को इससे परेश्ाान होकर भ्ााजपा कार्यकर्ताओं के साथ किसानों ने रतनपुरा विद्युत उपकेंद्र पर धरना प्रदर्शन किया। डीएम को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष विजय नारायन शर्मा व ग्राम प्रधान संगठन के मंडलीय महामंत्री रामाश्रय मौर्य ने कहा कि खरीफ के पीक सीजन में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
कम बिजली मिलने से खेती किसानी चौपट हो रही है। रतनपुरा के लोगों से कामर्शियल रेट से बिजली बिल जमा करवाया जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से भी कम बिजली मिल रही है। रतनपुरा, अरदौना, हलधरपुर विद्युत उपकेंद्र अंतिम सांस गिन रहे हैं। यहां कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगने से ट्रिपिंग तथा लो वोल्टेज की समस्या से बिजली संकट गहराता जा रहा है। इसके बाद भी शासन प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है।
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समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इसी क्रम में राकेश सिंह ने कहा कि रतनपुरा, हलधरपुर तथा अरदौना विद्युत उपकेंद्र पर कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगने से नाम मात्र बिजली मिल रही है। ऐेसे में पांच की जगह 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
रतनपुरा गांव के विसुकिया पुरवे में 65 केवीए की जगह 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए। नगवा गांव में 25 केवीए की जगह 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए। इसी क्रम में आलोक सिंह ने कहा कि विद्युत उपकेंद्रों में लगे विद्युत उपकरण जर्जर हाल में हैं। आए दिन तकनीकी खामी आने से कई दिनों तक बिजली गुल हो जा रही है।
इससे खेती किसानी सहित कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों कगो कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है।अंत में धरना स्थल पर आए उपजिलाधिकारी व अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। धरने मेें संतू सिंह ,भगवान गुप्ता ,परमात्मा नंद, मुन्ना खरवार, अच्छे राजभर, शैलेश राजभर आदि शामिल थे।
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धरने को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष विजय नारायन शर्मा व ग्राम प्रधान संगठन के मंडलीय महामंत्री रामाश्रय मौर्य ने कहा कि खरीफ के पीक सीजन में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
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कम बिजली मिलने से खेती किसानी चौपट हो रही है। रतनपुरा के लोगों से कामर्शियल रेट से बिजली बिल जमा करवाया जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से भी कम बिजली मिल रही है। रतनपुरा, अरदौना, हलधरपुर विद्युत उपकेंद्र अंतिम सांस गिन रहे हैं। यहां कम क्षमता के ट्रांसफार्मर लगने से ट्रिपिंग तथा लो वोल्टेज की समस्या से बिजली संकट गहराता जा रहा है। इसके बाद भी शासन प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है।
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समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इसी क्रम में राकेश सिंह ने कहा कि रतनपुरा, हलधरपुर तथा अरदौना विद्युत उपकेंद्र पर कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगने से नाम मात्र बिजली मिल रही है। ऐेसे में पांच की जगह 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
रतनपुरा गांव के विसुकिया पुरवे में 65 केवीए की जगह 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए। नगवा गांव में 25 केवीए की जगह 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए। इसी क्रम में आलोक सिंह ने कहा कि विद्युत उपकेंद्रों में लगे विद्युत उपकरण जर्जर हाल में हैं। आए दिन तकनीकी खामी आने से कई दिनों तक बिजली गुल हो जा रही है।
इससे खेती किसानी सहित कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों कगो कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है।अंत में धरना स्थल पर आए उपजिलाधिकारी व अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। धरने मेें संतू सिंह ,भगवान गुप्ता ,परमात्मा नंद, मुन्ना खरवार, अच्छे राजभर, शैलेश राजभर आदि शामिल थे।