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Mau News: फाइलों में बंद मल्टीलेवल पार्किंग की योजना, नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर 7141 के चालान काटे
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पार्किंग स्टैंड न होने से नगर के सहादतपुरा स्थित मार्केट में लबे सड़क खड़ी बाइकें।संवाद
रजनीकांत पांडेय
मऊ। नगर सहित पूरे जिले में तेज शहरीकरण के कारण बाजार तो बढ़े हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर वाहन खड़ा करने से जहां जाम की समस्या बढ़ी है। वहीं पुलिस नो पार्किंग का चालान काट रही है। वहीं लोगों की सुविधा के लिए बनने वाले मल्टीलेवल पार्किंग की योजना एक साल से फाइलों में बंद है।
जनवरी से जुलाई तक नो पार्किंग में खड़े 7141 वाहनों का पुलिस ने चालान काटा है। लोगों का कहना है कि बाजार तो बढ़े हैं लेकिन नगर पालिका एक भी पार्किंग स्थल की व्यवस्था नहीं कर सकी है। ऐसे में सड़क पर वाहन खड़ा करना लोगों की मजबूरी है। उधर, नगर पालिका की ओर से बीते एक साल से ब्रह्मस्थान पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव फाइलों में बंद है। वहीं अब उसका तर्क है कि कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा डीपीआर नहीं भेजने के चलते इसका प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा जा सका है। नगर में जहां नागरपालिका की ओर से कई सालों से स्थाई पार्किंग की योजना केवल कागजों पर बनाई जा रही है तो वहीं अस्थाई व्यवस्था के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद भी इसे लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले नगर क्षेत्र में गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, भीटी, सदर चौक, सिंधी कॉलोनी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित कई मुख्य बाजार हैं। दर्जनों सुपर मार्केट, बड़े शोरूम के साथ बड़ी-बड़ी दुकानें बनी हुई हैं, लेकिन इन बाजारों में कहीं भी पार्किंग की सुविधा नहीं है। यहां बने कई शॉपिंग मॉल, प्रतिष्ठानों की ओर से कागजों पर अंडर ग्राउंड पार्किंग का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में उनकी बेसमेंट में दुकानें चलती हैं। ऐसे में इन बाजारों में आने वाले ग्राहक चार पहिया-दो पहिया वाहनों को सड़क किनारे पार्क कर खरीददारी करते हैं। इससे सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम सात बजे तक जाम की समस्या बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो आजमगढ़ मोड़ से रोडवेज तक देखने है। उधर बाजार में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग न होना चालान की वजह बन रही है, दरअसल पुलिस की ओर से सड़क किनारे गाड़ियों को नो पार्किंग में चालान किया जा रहा है।
2024 से अधिक इस साल हो रहा चालान
यातायात पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार इस साल जुलाई तक 7141 वाहनों का चालान हुआ है, जबकि वर्ष 2024 में 8039 वाहनों का चालान हुआ है। यानी बीते साल नो पार्किंग में जहां बारह महीने में 8 हजार से अधिक वाहनों का चालान हुआ था, वहीं इस साल के सात महीने में ही 90 फीसदी चालान हो चुके हैं। ........
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किस महीने कितना चालान
जनवरी 409
फरवरी 708
मार्च 1586
अप्रैल 925
मई 1208
जून 1195
जुलाई 1110
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हर वर्ग के लोगों की पहली मांग, पार्किंग की बने सुविधा
नगर में पार्किंग सुविधा न होने से लोगों जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जब तक पार्किंग सुविधा बहाल नहीं की जाती तब तक पुलिस प्रशासन की तरफ से चालान काटने की प्रक्रिया को स्थगित करना चाहिए।
भरत थरड, प्रदेश उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
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जाम का सबब बनने वाले वाहन का चालान करना बेहद जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि बाजार के विकसित होने पर पार्किग की सुविधा मुहैया कराना। पार्किग की सुविधा पहले मुहैया होनी चाहिए।
डॉ. संजय सिंह, पूर्व आईएमए अध्यक्ष
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जनपद में वाहन पार्किंग इसलिए जरूरी है ताकि सड़कें जाम मुक्त रहें, आमजन को सुगम यातायात मिले और शहर व्यवस्थित दिखे। लेकिन शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं है। शहर में मुख्य स्थानों पर पार्किंग की सुविधा बहाल होने के बाद ही पुलिस की तरफ से चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
ज्योति सिंह, समाजसेवी
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नो पार्किंग को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा चालान की कार्रवाई व्यावहारिक तौर पर गलत है। जब नगर के किसी बाजार में पार्किंग की सुविधा नहीं है तो मजबूरी में लोग वाहनों को बाजारों के सड़क किनारे खड़ा करने को मजबूर हो रहे हैं।
मधु पांडेय
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क्या बोले जिम्मेदार
नगर स्थित ब्रह्मस्थान में मल्टी लेबल पार्किंग के लिए जगह चिह्नित किया गया है। शासन की तरफ से सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। अभी डीपीआर नहीं आने से बजट नहीं मिला है। पार्किंग की सुविधा न होने के बाद भी चालान का काटा जाना गलत है।
अरशद जमाल, नगरपालिकाध्यक्ष
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मऊ। नगर सहित पूरे जिले में तेज शहरीकरण के कारण बाजार तो बढ़े हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर वाहन खड़ा करने से जहां जाम की समस्या बढ़ी है। वहीं पुलिस नो पार्किंग का चालान काट रही है। वहीं लोगों की सुविधा के लिए बनने वाले मल्टीलेवल पार्किंग की योजना एक साल से फाइलों में बंद है।
जनवरी से जुलाई तक नो पार्किंग में खड़े 7141 वाहनों का पुलिस ने चालान काटा है। लोगों का कहना है कि बाजार तो बढ़े हैं लेकिन नगर पालिका एक भी पार्किंग स्थल की व्यवस्था नहीं कर सकी है। ऐसे में सड़क पर वाहन खड़ा करना लोगों की मजबूरी है। उधर, नगर पालिका की ओर से बीते एक साल से ब्रह्मस्थान पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव फाइलों में बंद है। वहीं अब उसका तर्क है कि कार्यदायी संस्था सीएनडीएस द्वारा डीपीआर नहीं भेजने के चलते इसका प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा जा सका है। नगर में जहां नागरपालिका की ओर से कई सालों से स्थाई पार्किंग की योजना केवल कागजों पर बनाई जा रही है तो वहीं अस्थाई व्यवस्था के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद भी इसे लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले नगर क्षेत्र में गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, भीटी, सदर चौक, सिंधी कॉलोनी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित कई मुख्य बाजार हैं। दर्जनों सुपर मार्केट, बड़े शोरूम के साथ बड़ी-बड़ी दुकानें बनी हुई हैं, लेकिन इन बाजारों में कहीं भी पार्किंग की सुविधा नहीं है। यहां बने कई शॉपिंग मॉल, प्रतिष्ठानों की ओर से कागजों पर अंडर ग्राउंड पार्किंग का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में उनकी बेसमेंट में दुकानें चलती हैं। ऐसे में इन बाजारों में आने वाले ग्राहक चार पहिया-दो पहिया वाहनों को सड़क किनारे पार्क कर खरीददारी करते हैं। इससे सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम सात बजे तक जाम की समस्या बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो आजमगढ़ मोड़ से रोडवेज तक देखने है। उधर बाजार में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग न होना चालान की वजह बन रही है, दरअसल पुलिस की ओर से सड़क किनारे गाड़ियों को नो पार्किंग में चालान किया जा रहा है।
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2024 से अधिक इस साल हो रहा चालान
यातायात पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार इस साल जुलाई तक 7141 वाहनों का चालान हुआ है, जबकि वर्ष 2024 में 8039 वाहनों का चालान हुआ है। यानी बीते साल नो पार्किंग में जहां बारह महीने में 8 हजार से अधिक वाहनों का चालान हुआ था, वहीं इस साल के सात महीने में ही 90 फीसदी चालान हो चुके हैं। ........
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किस महीने कितना चालान
जनवरी 409
फरवरी 708
मार्च 1586
अप्रैल 925
मई 1208
जून 1195
जुलाई 1110
हर वर्ग के लोगों की पहली मांग, पार्किंग की बने सुविधा
नगर में पार्किंग सुविधा न होने से लोगों जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जब तक पार्किंग सुविधा बहाल नहीं की जाती तब तक पुलिस प्रशासन की तरफ से चालान काटने की प्रक्रिया को स्थगित करना चाहिए।
भरत थरड, प्रदेश उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
जाम का सबब बनने वाले वाहन का चालान करना बेहद जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि बाजार के विकसित होने पर पार्किग की सुविधा मुहैया कराना। पार्किग की सुविधा पहले मुहैया होनी चाहिए।
डॉ. संजय सिंह, पूर्व आईएमए अध्यक्ष
जनपद में वाहन पार्किंग इसलिए जरूरी है ताकि सड़कें जाम मुक्त रहें, आमजन को सुगम यातायात मिले और शहर व्यवस्थित दिखे। लेकिन शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं है। शहर में मुख्य स्थानों पर पार्किंग की सुविधा बहाल होने के बाद ही पुलिस की तरफ से चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
ज्योति सिंह, समाजसेवी
नो पार्किंग को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा चालान की कार्रवाई व्यावहारिक तौर पर गलत है। जब नगर के किसी बाजार में पार्किंग की सुविधा नहीं है तो मजबूरी में लोग वाहनों को बाजारों के सड़क किनारे खड़ा करने को मजबूर हो रहे हैं।
मधु पांडेय
क्या बोले जिम्मेदार
नगर स्थित ब्रह्मस्थान में मल्टी लेबल पार्किंग के लिए जगह चिह्नित किया गया है। शासन की तरफ से सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। अभी डीपीआर नहीं आने से बजट नहीं मिला है। पार्किंग की सुविधा न होने के बाद भी चालान का काटा जाना गलत है।
अरशद जमाल, नगरपालिकाध्यक्ष