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Mau News: फार्मासिस्ट ने किया लोगों का उपचार, लेकिन कागजों पर तीन डॉक्टरों के इलाज का दावा
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कंचन सिंह
मऊ-करहा। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला आंकड़ेबाजी तक सिमट कर रह गया है, इसकी बानगी रविवार को करहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखी। जहां जनआरोग्य मेले में फार्मासिस्ट ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन कागजों पर यहां आने वाले मरीजों का उपचार तीन चिकित्सकों की ओर से होना दिखाया गया है।
इतना ही नहीं यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपने तय समय से 45 मिनट देर से खुला। इससे पहले 40 अस्पतालों पर आरोग्य मेला में 2083 मरीजों का उपचार का दावा किया गया।
अमर उजाला की टीम ने पड़ताल के दौरान मुहम्मदाबाद गोहना के करहां पीएचसी सुबह दस पहुंची। यहां टीम के पहुंचने 45 मिनट बाद अस्पताल का ताला खुला। इस दौरान पीएचसी के मुख्य गेट पर चार कुर्सी खाली मिलीं, जबकि अस्पताल पर कोई उपस्थित नहीं था।
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वहीं दोपहर 1 बजे टीम दुबारा जब यहां पहुंची तो कुछ मरीज इलाज कराने मिले। यहां डाक्टर द्वारा इलाज के संबंध में मौजूद लैब टेक्नीशियन चंदन यादव ने बताया कि यहां तैनात डॉक्टर बृजलाल और बेसिक हेल्थ वर्कर जे.पी यादव की ड्यूटी महाकुंभ में लगी है। ऐसे में दवा फार्मासिस्ट हंसराज यादव की ओर से दिया जाता है। यहां दोपहर दो बजे तक 32 मरीजों का इलाज किया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरोग्य मेले की सूची में इसी अस्पताल पर तीन चिकित्सक, चार स्वास्थ्य कर्मी की ओर से 18 पुरुष, 5 महिला तो 6 किशोर-किशोरियों का उपचार की बात कही गई।
वहीं इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. रामबदन का कहना है कि तैनात चिकित्सक की ड्यूटी कुंभ मेला में लगी है, ऐसे में आरोग्य मेला दूसरे डॉक्टर की तैनाती होगी। लेकिन अगर तैनाती के बाद डॉक्टर नहीं पहुंचा है तो इसकी जानकारी ली जाएगी।
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मऊ-करहा। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला आंकड़ेबाजी तक सिमट कर रह गया है, इसकी बानगी रविवार को करहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखी। जहां जनआरोग्य मेले में फार्मासिस्ट ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन कागजों पर यहां आने वाले मरीजों का उपचार तीन चिकित्सकों की ओर से होना दिखाया गया है।
इतना ही नहीं यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपने तय समय से 45 मिनट देर से खुला। इससे पहले 40 अस्पतालों पर आरोग्य मेला में 2083 मरीजों का उपचार का दावा किया गया।
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अमर उजाला की टीम ने पड़ताल के दौरान मुहम्मदाबाद गोहना के करहां पीएचसी सुबह दस पहुंची। यहां टीम के पहुंचने 45 मिनट बाद अस्पताल का ताला खुला। इस दौरान पीएचसी के मुख्य गेट पर चार कुर्सी खाली मिलीं, जबकि अस्पताल पर कोई उपस्थित नहीं था।
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वहीं दोपहर 1 बजे टीम दुबारा जब यहां पहुंची तो कुछ मरीज इलाज कराने मिले। यहां डाक्टर द्वारा इलाज के संबंध में मौजूद लैब टेक्नीशियन चंदन यादव ने बताया कि यहां तैनात डॉक्टर बृजलाल और बेसिक हेल्थ वर्कर जे.पी यादव की ड्यूटी महाकुंभ में लगी है। ऐसे में दवा फार्मासिस्ट हंसराज यादव की ओर से दिया जाता है। यहां दोपहर दो बजे तक 32 मरीजों का इलाज किया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरोग्य मेले की सूची में इसी अस्पताल पर तीन चिकित्सक, चार स्वास्थ्य कर्मी की ओर से 18 पुरुष, 5 महिला तो 6 किशोर-किशोरियों का उपचार की बात कही गई।
वहीं इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. रामबदन का कहना है कि तैनात चिकित्सक की ड्यूटी कुंभ मेला में लगी है, ऐसे में आरोग्य मेला दूसरे डॉक्टर की तैनाती होगी। लेकिन अगर तैनाती के बाद डॉक्टर नहीं पहुंचा है तो इसकी जानकारी ली जाएगी।