UP: इजरायल में एक ही अपार्टमेंट में रहते हैं भारत के 20 लोग, सुबह करते हैं काम; रात में परिवार पूछता है हाल
UP News: यहां रह रहे भारतीय लोगाें ने बताया कि रात के समय ज्यादा हमला हो रहा है। यहां इजरायल की डिफेंस सिस्टम से कोई बड़ा नुकसान नहीं हो रहा है। हम रात में अपने परिवार को अपना हाल बताते हैं, ताकि वे लोग निश्चिंत रहे।
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इजरायल और इरान के बीच युद्ध के दौरान जिले के सैकड़ों घर में प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया है। दरअसल दो चरणों में यहां से 700 से ज्यादा युवा रोजगार के लिए इजरायल गए हुए है। ऐसे में एक दूसरे पर मिसाइल अटैक के बीच इन युवाओं के परिवार इनकी सलामती के लिए लगातार इनसे वीडियो कॉल कर इनका हाल चाल पूछ रहे है।
वहीं युद्ध के बीच मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा के एक युवक गुप्तेश्वर पांडेय से अमर उजाला ने बातचीत कर वहां के हालात को जानने का प्रयास किया। गुप्तेवर ने बताया कि वह अपने कई साथियों के साथ 11 माह पूर्व इजराइल गए हैं। वह तेल अवीव शहर में रहता है। बताया कि खतरा जिस क्षेत्र में बढ़ता है, वहां सायरन बजता है। फोन पर भी सरकार का अलर्ट जारी होता है। 10 से 12 किमी दूर मिसाइलें गिर रही हैं।
अलर्ट पर बंकरों में लोग छिपते हैं। हम लोग घर के महिलाओं को कुछ नहीं बताते। वहां का समाचार देखकर चिंता होती है। बताया कि हम लोग जब भी मौका मिलता है तो वीडियो कॉल अपने परिवार को अपने कुशलता की जानकारी देते रहते है।
बताया कि हाईटेक सुविधा होने के चलते खतरा होने से पहले हमारे मोबाइल पर एक एप होम फ्रंट कमांड एप्लीकेशन पर किसी मिसाइल, ड्रोन केा डिटेक्ट करने के बाद सूचना आ जाती है। जिसके बाद सभी घरों के नीचे बने बंकरों पर चले जाते हैं।
एक दूसरे का बढ़ाते हैं हौंसला
जिले के रतनपुरा निवासी अजय विश्वकर्मा ने बताया कि गुप्तेश्वर पांडेय के साथ उसके अपार्टमेंट में आंबेडकर नगर निवासी प्रेमचंद्र चौहान, फतेहपुर निवासी कुंवरकेश यादव, गोरखपुर निवासी सुरेश चौहान, सीतापुर निवासी टिंकू चौहान, नरेश, सीतापुर के ही सतेंद्र, बक्सर के प्रमोद सहित बीस साथियों के साथ रहते हैं।
कहा कि हम सभी मुसीबत के पल में एक दूसरे को हौसला बढ़ाते हैं। कभी कभार जब परिवार के लोगों से बातचीत कर हमारा हाैसला डगमगाता है तो हमारे साथी एक दूसरे के परिजनों से बातचीत कर उन्हें हाैसला देते हैं।