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जिला अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा भोजन
Sat, 08 Jun 2019 12:14 AM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:14 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज, जिन्हें नहीं मिल रहा भोजन।
- फोटो : mau
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जिला अस्पताल में बीते एक माह से भर्ती मरीज और उनके तीमारदार को भोजन नहीं मिल पा रहा है। भोजन न मिलने की स्थिति में मरीजों के परिजन बाहर से भोजन खरीदकर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि भर्ती मरीजों को नि:शुल्क भोजन सुबह और शाम कार्यदायी संस्था द्वारा दिया जाना है। जबकि जिला अस्पताल प्रबंधन ठेकेदार का टेंडर निरस्त होने की बात कह कर पल्ला झाड़ रहा। लेकिन मरीजों को टेंडर दुबारा ना होने तक भोजन देने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है। जबकि इस संबंध में कई बार मरीज सीएमएस से गुहार लगा चुके है।
बताते चले कि सरकार की तरफ से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मुफ्त भोजन दिए जाने की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में भोजन की व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बजट देती है। मरीजों को भोजन देने का जिम्मा जिला अस्पताल प्रशासन के कंधों पर है। बावजूद बीते एक माह से भीषण गर्मी के चलते डायरिया, उल्टी, दस्त आदि रोगों से पीड़ित 20 से ज्यादा भर्ती मरीजों को भोजन नहीं मिल पा रहा है। जबकि अस्पताल में एक कार्यदायी संस्था द्वारा भर्ती मरीजों को दोपहर में दाल, रोटी, चावल और सब्जी आदि देना है। ऐसे में ठेकेदार द्वारा भोजन न मिलने पर मरीज के परिजनों को बाहर से भोजन खरीदकउन्हें अस्पताल प्रशासन की ओर से खाना नहीं मिल रहा। का कहना है कि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को कई बार शिकायत भी कर चुके है, लेकिन फिर भी भोजन की व्यवस्था नहीं की जा रही है। अस्पताल सूत्रों की माने तो यह समस्या एक माह से भी ज्यादा समय है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा डायलिसिस यूनिट बनने के चलते किचिन टूटने और ठेकेदार का टेंडर निरस्त होने के चलते 15 दिनों से भोजन न मिलने की बात स्वीकार कर रहा है। लेकिन मरीजों को दुबारा टेंडर न होने तक भोजन उपलब्ध कराने की बात को लेकर अस्पताल द्वारा कोई कवायद नहीं की जा रही है।
जिला अस्पताल में बने पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती 6 कुपोषित बच्चें ज्योती, सचिन, रोशन, सृजेश, जसवंत, राहुल, मुकेश के रह रहे अटेंडर भोजन न मिलने पर एनआरसी स्टॉफ के साथ मिलकर खुद भोजन बना रहे है। एनआरसी प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने सीएमएस को कई बार अवगत कराया। कोई कवायद न होने पर मजबूरन एनआरसी स्टॉफ अटेंडरों के खाना बनाकर दे रही हैं।
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बताते चले कि सरकार की तरफ से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मुफ्त भोजन दिए जाने की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में भोजन की व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बजट देती है। मरीजों को भोजन देने का जिम्मा जिला अस्पताल प्रशासन के कंधों पर है। बावजूद बीते एक माह से भीषण गर्मी के चलते डायरिया, उल्टी, दस्त आदि रोगों से पीड़ित 20 से ज्यादा भर्ती मरीजों को भोजन नहीं मिल पा रहा है। जबकि अस्पताल में एक कार्यदायी संस्था द्वारा भर्ती मरीजों को दोपहर में दाल, रोटी, चावल और सब्जी आदि देना है। ऐसे में ठेकेदार द्वारा भोजन न मिलने पर मरीज के परिजनों को बाहर से भोजन खरीदकउन्हें अस्पताल प्रशासन की ओर से खाना नहीं मिल रहा। का कहना है कि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को कई बार शिकायत भी कर चुके है, लेकिन फिर भी भोजन की व्यवस्था नहीं की जा रही है। अस्पताल सूत्रों की माने तो यह समस्या एक माह से भी ज्यादा समय है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा डायलिसिस यूनिट बनने के चलते किचिन टूटने और ठेकेदार का टेंडर निरस्त होने के चलते 15 दिनों से भोजन न मिलने की बात स्वीकार कर रहा है। लेकिन मरीजों को दुबारा टेंडर न होने तक भोजन उपलब्ध कराने की बात को लेकर अस्पताल द्वारा कोई कवायद नहीं की जा रही है।
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जिला अस्पताल में बने पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती 6 कुपोषित बच्चें ज्योती, सचिन, रोशन, सृजेश, जसवंत, राहुल, मुकेश के रह रहे अटेंडर भोजन न मिलने पर एनआरसी स्टॉफ के साथ मिलकर खुद भोजन बना रहे है। एनआरसी प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने सीएमएस को कई बार अवगत कराया। कोई कवायद न होने पर मजबूरन एनआरसी स्टॉफ अटेंडरों के खाना बनाकर दे रही हैं।
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