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होम आइसोलेशन में मरीजों को नहीं मिल रही दवाएं
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कोपागंज (मऊ)। प्रशासन द्वारा संक्रमण के रोकथाम को लेेकर किए गए प्रयासों की जांच में कोपागंज ब्लाक में स्वास्थ्य विभाग तथा नगर पंचायत की एक बड़ी लापरवाह सामने आई है। जांच में नायब तहसीलदार को पूरे कोपागंज ब्लाक में संक्रमण की दूसरी लहर में 29 मरीज मिले हैं। इन मरीजों के घर पहुंचकर जांच की गई तो पाया गया कि यहां आरआर टीम ने इन मरीज तथा उनके संपर्क में आए लोगों की जांच तो की लेकिन होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीजों को दवाइयां मुुहैया नहीं कराई गई।
वहीं नगर पंचायत तथा ब्लाक के जिम्मेदारों द्वारा न तो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है न ही उस क्षेत्र को सैनिटाइज कराया गया। उधर स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर पंचायत कोपागंज तथा ब्लाक की लापरवाही सामने आने पर उसकी रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार सदर संजीव यादव ने प्रशासन को भेज दिया है।
संक्रमण काल में पिछले साल सेे बीते शनिवार तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि जिले में इस दौरान कुल 7,887 मरीज मिले है। इसमें बीते 31 मार्च 2021 तक जिले में संक्रमण से 39 मौते हुई थी, वहीं मरीजों की कुल संख्या 3,048 थी। यानी बीते 52 दिनों में 4,839 मरीज मिले वहीं 23 मौतें हुई। इससे संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। बावजूद इतना गंभीर मामला होने के बाद कोपागंज ब्लाक के स्वास्थ्य विभाग तथा नगर पंचायत और ब्लाक के जिम्मेदारों को यह महामारी को गंभीरता समझ में नहीं आई। यह हम नहीं बल्कि तहसील द्वारा बीते दिनों शासन के निर्देश पर कोपगंज ब्लाक के 29 मरीजों के घर-घर पर जाकर सर्वे जांच के दौरान मिला।
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सदर तहसीलदार संजीव यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर दो दिवसीय सर्वे 20 तथा 21 मई को उनके तथा नायब तहसीलदार संत विजय सिंह की टीम ने किया। बताया कि दो दिवसीय सर्वे के दौरान कोपागंज ब्लाक के 29 संक्रमित मरीज के घरों पहुंचकर जांच की गई। इस दौरान नगर पंचायत के वार्डो से लेकर ब्लाक के गांवों में मिले संक्रमित मरीजों के घर को कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया।
बताया कि तीन-चार मरीजों को छोड़कर दूसरे मरीजों के यहां सैनिटाइज होना पाया गया। लेकिन नगर पंचायत कोपागंज तथा ब्लाक द्वारा इन मरीजों के घर पर कोविड संक्रमण का पोस्टर चस्पा नहीं करना पाया गया। मरीजों तथा उसपके परिजनों से बातचीत के दौरान यह सामने आया कि चार मरीजों को छोड़कर दवा वितरण नहीं किया गया था।वहीं मेडिकल टीम द्वारा जांच करने के बाद एक बार भी मरीजों के घर पर नहीं पहुंचने की शिकायत मिली। बताया कि तीनों विभाग की लापरवाही के संबंध में रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।
इधर जिम्मेदारों के अपने ही तर्क
1- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि भदसा ग्राम सभा मे पीड़ित के वहा डॉक्टरों की टीम चार बार जा चुकी है ।दवा उन्ही को केवल दी जा रही जो संदिग्ध है या कॅरोना पॉजिटिव है।
2-नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जय प्रकाश यादव का कहना है हमारे यहां जितने पॉजिटिव मरीजो की जानकारी आयी थी वहां दवा का छिढकाव किया गया है ।
3- खंड विकास अधिकारी देव कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि एक दिन के अंतराल के बाद सेनेटाइज नियमित हो रहा है।
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वहीं नगर पंचायत तथा ब्लाक के जिम्मेदारों द्वारा न तो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है न ही उस क्षेत्र को सैनिटाइज कराया गया। उधर स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर पंचायत कोपागंज तथा ब्लाक की लापरवाही सामने आने पर उसकी रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार सदर संजीव यादव ने प्रशासन को भेज दिया है।
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संक्रमण काल में पिछले साल सेे बीते शनिवार तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि जिले में इस दौरान कुल 7,887 मरीज मिले है। इसमें बीते 31 मार्च 2021 तक जिले में संक्रमण से 39 मौते हुई थी, वहीं मरीजों की कुल संख्या 3,048 थी। यानी बीते 52 दिनों में 4,839 मरीज मिले वहीं 23 मौतें हुई। इससे संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। बावजूद इतना गंभीर मामला होने के बाद कोपागंज ब्लाक के स्वास्थ्य विभाग तथा नगर पंचायत और ब्लाक के जिम्मेदारों को यह महामारी को गंभीरता समझ में नहीं आई। यह हम नहीं बल्कि तहसील द्वारा बीते दिनों शासन के निर्देश पर कोपगंज ब्लाक के 29 मरीजों के घर-घर पर जाकर सर्वे जांच के दौरान मिला।
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सदर तहसीलदार संजीव यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर दो दिवसीय सर्वे 20 तथा 21 मई को उनके तथा नायब तहसीलदार संत विजय सिंह की टीम ने किया। बताया कि दो दिवसीय सर्वे के दौरान कोपागंज ब्लाक के 29 संक्रमित मरीज के घरों पहुंचकर जांच की गई। इस दौरान नगर पंचायत के वार्डो से लेकर ब्लाक के गांवों में मिले संक्रमित मरीजों के घर को कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया।
बताया कि तीन-चार मरीजों को छोड़कर दूसरे मरीजों के यहां सैनिटाइज होना पाया गया। लेकिन नगर पंचायत कोपागंज तथा ब्लाक द्वारा इन मरीजों के घर पर कोविड संक्रमण का पोस्टर चस्पा नहीं करना पाया गया। मरीजों तथा उसपके परिजनों से बातचीत के दौरान यह सामने आया कि चार मरीजों को छोड़कर दवा वितरण नहीं किया गया था।वहीं मेडिकल टीम द्वारा जांच करने के बाद एक बार भी मरीजों के घर पर नहीं पहुंचने की शिकायत मिली। बताया कि तीनों विभाग की लापरवाही के संबंध में रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।
इधर जिम्मेदारों के अपने ही तर्क
1- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि भदसा ग्राम सभा मे पीड़ित के वहा डॉक्टरों की टीम चार बार जा चुकी है ।दवा उन्ही को केवल दी जा रही जो संदिग्ध है या कॅरोना पॉजिटिव है।
2-नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी जय प्रकाश यादव का कहना है हमारे यहां जितने पॉजिटिव मरीजो की जानकारी आयी थी वहां दवा का छिढकाव किया गया है ।
3- खंड विकास अधिकारी देव कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि एक दिन के अंतराल के बाद सेनेटाइज नियमित हो रहा है।