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Mau News: सरयू नदी के उग्र तेवर से तटवर्ती इलाकों में दहशत
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दोहरीघाट में बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
नदी के उग्र तेवर से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। नदी के लगातार बढ़ने से प्रशासन और सिंचाई विभाग सतर्क हो गया है। बंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सरयू नदी जैसे-जैसे खतरा बिंदु की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे तटवर्ती इलाकों के लोग नदी के उग्र तेवर देखकर दहशत में हैं। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
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नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो शुक्रवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 69.10 मीटर रहा, जबकि बृहस्पतिवार को 68.95 मीटर था। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 80 सेमी नीचे बह रही थी।
नदी के उग्र तेवर धारण करने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर सहित विभिन्न धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
वहीं, तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बीबीपुर, गोधनी, बेलौली, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका से किसान चिंतित हो गए हैं।
कटान पीड़ितों का कहना था कि नदी जब-जब घटती-बढ़ती है, तब-तब कहर बरपाती है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों से टकरा रही थीं। नदी के रुख से लोगों को अनिष्ट की चिंता अभी से सता रही थी।
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नदी के उग्र तेवर से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। नदी के लगातार बढ़ने से प्रशासन और सिंचाई विभाग सतर्क हो गया है। बंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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सरयू नदी जैसे-जैसे खतरा बिंदु की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे तटवर्ती इलाकों के लोग नदी के उग्र तेवर देखकर दहशत में हैं। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
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नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो शुक्रवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 69.10 मीटर रहा, जबकि बृहस्पतिवार को 68.95 मीटर था। नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 80 सेमी नीचे बह रही थी।
नदी के उग्र तेवर धारण करने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर सहित विभिन्न धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
वहीं, तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बीबीपुर, गोधनी, बेलौली, महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका से किसान चिंतित हो गए हैं।
कटान पीड़ितों का कहना था कि नदी जब-जब घटती-बढ़ती है, तब-तब कहर बरपाती है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवारों से टकरा रही थीं। नदी के रुख से लोगों को अनिष्ट की चिंता अभी से सता रही थी।