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धान खरीद की शिकायतों को गंभीरता ने नहीं लिया जा रहा
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मऊ। जिले में धान खरीद की गति धीमी होने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। कई धान क्रय केंद्रों पर धान की कटौती करने का खेल चल रहा है। किसानों की शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। अब तक 3201 किसानों से 16356.45 एमटी ही धान खरीद हो सकी है।
किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। जिले में खाद्य एवं विपणन विभाग, पीसीएफ, एफसीआई, मंडी समिति के 47 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। शासन की तरफ से 41,200 एमटी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समय सीमा में 38 दिन बचा है, लेकिन अभी तक 3201 किसानों से 16356.45 एमटी ही हो सका है। जबकि धान खरीद का लक्ष्य 41,200 एमटी निर्धारित किया गया है।
क्रय एजेंसियों की तरफ से समय से धान का उठान न करने से धान खरीद धीमी गति से चल रही है। मिलरों द्वारा सीएमआर जमा कराने की गति का असर धान खरीद पर पड़ रहा है। धान खरीद जैसे तैैसे चलने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। किसानों की मानें तो कई क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा पांच से 10 प्रतिशत धान की कटौती कर रहे हैं। मना करने पर खरीद करने से मना कर दे रहे हैं। किसानों की शिकायत के बाद भी आला अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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इस संबंध में मधुबन क्षेत्र के रामनारायन मल्ल, महेंद्र सिंह, कोपागंज क्षेत्र के कृष्णा प्रसाद, संजय यादव का कहना है कि क्रय केंद्र प्रभारियों के मनमाने रवैए से धान बेचने में नाको चने चबाना पड़ रहा है। क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा धान की कटौती कर ली जा रही है। शिकायत के बाद भी मामले को लटका दिया गया है। एआर साधन सहकारी समिति के विवेक कौशल ने बताया कि धान कटौती करने के मामले में अभी तक शिकायत नहीं मिली है। क्रय केंद्रों से उठान कराया जा रहा है।
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किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान खरीद योजना शुरू की गई है। जिले में खाद्य एवं विपणन विभाग, पीसीएफ, एफसीआई, मंडी समिति के 47 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। शासन की तरफ से 41,200 एमटी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समय सीमा में 38 दिन बचा है, लेकिन अभी तक 3201 किसानों से 16356.45 एमटी ही हो सका है। जबकि धान खरीद का लक्ष्य 41,200 एमटी निर्धारित किया गया है।
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क्रय एजेंसियों की तरफ से समय से धान का उठान न करने से धान खरीद धीमी गति से चल रही है। मिलरों द्वारा सीएमआर जमा कराने की गति का असर धान खरीद पर पड़ रहा है। धान खरीद जैसे तैैसे चलने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। किसानों की मानें तो कई क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा पांच से 10 प्रतिशत धान की कटौती कर रहे हैं। मना करने पर खरीद करने से मना कर दे रहे हैं। किसानों की शिकायत के बाद भी आला अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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इस संबंध में मधुबन क्षेत्र के रामनारायन मल्ल, महेंद्र सिंह, कोपागंज क्षेत्र के कृष्णा प्रसाद, संजय यादव का कहना है कि क्रय केंद्र प्रभारियों के मनमाने रवैए से धान बेचने में नाको चने चबाना पड़ रहा है। क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा धान की कटौती कर ली जा रही है। शिकायत के बाद भी मामले को लटका दिया गया है। एआर साधन सहकारी समिति के विवेक कौशल ने बताया कि धान कटौती करने के मामले में अभी तक शिकायत नहीं मिली है। क्रय केंद्रों से उठान कराया जा रहा है।