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बिना सुरक्षा उपकरण के ही काम कर रहे आउटसोर्सिंग बिजली कर्मचारी

Thu, 07 Jul 2022 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 10:57 PM IST
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Outsourcing electricity workers working without safety equipment
परदहां ब्लाक क्षेत्र के एक गांव में बिना सुरक्षा उपकरण के ट्रांसफार्मर पर कार्य करते प्राइवेट ल? - फोटो : MAU
मऊ। जिले में संविदा और आऊटसोर्सिंग के बिजली कर्मचारी जान हथेली पर रखकर फाल्ट सही कर रहे हैं। इनके लिए सुरक्षा किट समेत अन्य सुविधाएं दिए जाने का दावा महज कागजों तक ही सीमित है। हादसा होने पर परिजनों को सरकारी मदद तक नहीं मिलती। रही बात अधिकारियों की तो वह सब जानते हुए भी इन कर्मचारियों की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। जिले के तीन डिवीजन के नौ सब डिवीजन में संविदा तथा आउटसोर्सिग से लगभग 600 कर्मचारियों की नगर सहित जिले के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर तैनाती की गई है। बरसात का मौसम है। ऐसे में फाल्ट अधिक हो रहे हैं। लेकिन इन कर्मचारियों को विभागीय स्तर पर सुरक्षा किट और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बिना सुरक्षा उपकरण के इन्हें पोलों पर फाल्ट ठीक कराने के लिए चढ़ा दिया जा रहा। ऐसे में यह कर्मचारी जान हथेली पर लेकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे। लेकिन मान लीजिए अगर कोई हादसा हो जाता है तो इनके परिवार के लोगों को कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाती है। सुरक्षा उपकरणों के अभाव में आए दिन संविदा कर्मी तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारी किसी न किसी हादसे के शिकार हो रहे है। देखा जाए तो विभाग संविदा तथा आऊट सोर्सिंग कर्मचारियों भरोसे ही चल रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो जिले में स्थायी लाइनमैैन कर्मचारियों की संख्या 30 से भी कम है। नियमानुसार बिजली के पोल पर केवल लाइनमैन ही चढ़ सकता है। लेकिन विभाग और कंपनी के ठेकेदार संविदा कर्मचारियों को काम कराने के लिए खंभों पर चढ़ा दे रहे हैं वह भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के। इतना ही नहीं कोई बड़ा या छोटा फाल्ट आने पर इन्हीं कर्मचारियों से ठीक कराया जाता है। बनवाया जाता है। नियमानुुसार इन कर्मचारियों को रबर के दस्ताने, प्लास, पेंचकस, टेस्टर, झूला, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, जूता अनिवार्य है। सुरक्षा के बिना ही 30 से 40 फीट ऊचाई पर काम करने वाले कर्मचारी बिना सेफ्टी बेल्ट के काम करते हैं। नियमानुसार संविदा कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई की सुविधा मिलनी चाहिए। इससे हादसे होने पर उन्हें सरकारी मदद के साथ इलाज की सुविधा मिल सके। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। हादसा होने पर कर्मचारी चंदा एकत्रित कर आपस में मदद करते हैं। श्रमिक नेता सूर्यदेव पांडेय कहते हैं कि संविदा तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते। कागज पर ही ईएसआई सहित सभी सुविधाएं दी जाती है। जिला श्रम की बैठक भी नहीं की जाती है। कोपागंज थाना क्षेत्र के मूंगमास में हाईटेंशन लाइन पर काम करने के दौरान रामचंद्र सोनकर की 11 जून 2016 को मौत हो गई थी। कादीपुर टड़ियांव प्राइमरी स्कूल के पास पांच जुलाई 2017 को फाल्ट बनाते समय अचानक विद्युत आपूर्ति शुरू कर दिए जाने पर संविदा बिजलीकर्मी रामकेवल की मौत हो गई थी। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि विद्युत उपकेंद्रों पर तैनात समस्त संविदा तथा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को शासन से नामित एजेंसी द्वारा सुरक्षा उपकरण सहित सभी सुविधाएं दी जा रही है। निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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