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पशु आश्रय स्थल का हिल रहा था पिलर, जेई, ठेकेदार पर एफआईआर का आदेश
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परदहां ब्लाक के बिजड़ा गांव में बन रहे पशु आश्रय केन्द्र का निरीक्षण करते नोडल अधिकारी मुकेश कुम?
- फोटो : MAU
मऊ। जनपद के नोडल अफसर और शासन के प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम ने मंगलवार को विकास खंड परदहा के पिजड़ा गांव में बन रहे पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर नोडल अधिकारी ने ठेकेदार से 18 फीसदी ब्याज के साथ धन की रिकवरी करने और एई और ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। अनियमितता देख नाराज नोडल अधिकारी ने ठेकेदार और एई को जमीन पर बैठाया, बाद में ठेकेदार को सरायलखंसी थाने भेजवा दिया। उन्होंने ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।
जांच करने पहुंचे नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम ने ग्रामीणों से बातचीत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो वर्षों से निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। इस दौरान पता चला कि पशुु आश्रय बनाने के लिए शासन से एक करोड़ 20 लाख रुपया अवमुक्त हुआ था। अब तक 75 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन उस हिसाब से कार्य होना नहीं पाया गया। जांच में गो आश्रय के में की गई मिट्टी भराई कार्य में काफी अनियमितता मिली। साथ ही नवनिर्मित पिलर में दरार पड़ी थी, जो हाथ लगाने पर हिल रहा था। यह देख नोडल अधिकारी आक्रोशित हो गए। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार और एई को तलब किया। साथ ही पिलर को दिखाकर पूछा ये क्या है, इस दौरान दोनों की बोलती बंद थी, फिर क्या था उन्होंने दोनों को जमीन पर बैठा दिया, साथ ही दोनों को थाने भेजने का आदेश दिया। इस दौरान ठेकेदार से 18 फीसदी ब्याज के साथ धन की रिकवरी करने और रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया। लेकिन बाद में एई को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन ठेकेदार को थाने भेजा। सीडीओ को आदेश दिया कि वो ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड करने का आदेश दिया। देर शाम तक ठेकेदार थाने में बैठाया गया था।
अच्छी कंपनी के सामान लगाने की हिदायत
मऊ। नोडल अफसर ने गोवंश आश्रय स्थल में वायरिंग तार, पाइप अच्छी कंपनी की न लगी होने पर उसको बदलने की हिदायत दिया। गो आश्रय स्थल में पेंट, पानी की टंकी भी अच्छी कंपनी की न होने पर नाराजगी जताते हुए उसे बदलने का निर्देश दिए। गोवंश में कराए गए सभी कार्यों की जांच कराकर गड़बड़ियों को ठीक कराने का निर्देश दिए।
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सद्भाव मंडप में दोयम दर्जे की मिली ईंटें
मऊ। नोडल अधिकारी ने मतलूपुर मोड़ के पास बन रहे सद्भाव मंडप का निरीक्षण किया । उसमें अच्छी किस्म र्की इंट नहीं लगी होने पर नाराजगी जताया। उन्होंने अव्वल दर्जे की ईंट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में अच्छी कंपनी के सामानों का उपयोग करने के साथ ही अन्य कमियों को सुधारने के सख्त निर्देश दिए।
किसान को फोनकर पूछी समस्या:
मऊ। नोडल अधिकारी ने भंवरेपुर में धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। किसान से फोन पर बात कर समस्या पूछी। किसान ने बताया कि टोकन लगाने के 10 दिन में धान क्रय कर लिया गया एवं 12 दिन में भुगतान भी मिल गया। नोडल अधिकारी ने और कम समय में भुगतान कराने का निर्देश दिया। बाहर मेन रोड पर धान क्रय केंद्र का बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया। नोडल अधिकारी ने धान क्रय केंद्र सचिव को निर्देश दिया कि जो किसान अपना धान लेकर आता है उसका धान बिना किसी हीला हवाली के जरूर क्रय किया जाए।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी केहरि सिंह, जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, रजनीश सिंह उपस्थित रहे।
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जांच करने पहुंचे नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम ने ग्रामीणों से बातचीत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो वर्षों से निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। इस दौरान पता चला कि पशुु आश्रय बनाने के लिए शासन से एक करोड़ 20 लाख रुपया अवमुक्त हुआ था। अब तक 75 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन उस हिसाब से कार्य होना नहीं पाया गया। जांच में गो आश्रय के में की गई मिट्टी भराई कार्य में काफी अनियमितता मिली। साथ ही नवनिर्मित पिलर में दरार पड़ी थी, जो हाथ लगाने पर हिल रहा था। यह देख नोडल अधिकारी आक्रोशित हो गए। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार और एई को तलब किया। साथ ही पिलर को दिखाकर पूछा ये क्या है, इस दौरान दोनों की बोलती बंद थी, फिर क्या था उन्होंने दोनों को जमीन पर बैठा दिया, साथ ही दोनों को थाने भेजने का आदेश दिया। इस दौरान ठेकेदार से 18 फीसदी ब्याज के साथ धन की रिकवरी करने और रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया। लेकिन बाद में एई को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन ठेकेदार को थाने भेजा। सीडीओ को आदेश दिया कि वो ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड करने का आदेश दिया। देर शाम तक ठेकेदार थाने में बैठाया गया था।
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अच्छी कंपनी के सामान लगाने की हिदायत
मऊ। नोडल अफसर ने गोवंश आश्रय स्थल में वायरिंग तार, पाइप अच्छी कंपनी की न लगी होने पर उसको बदलने की हिदायत दिया। गो आश्रय स्थल में पेंट, पानी की टंकी भी अच्छी कंपनी की न होने पर नाराजगी जताते हुए उसे बदलने का निर्देश दिए। गोवंश में कराए गए सभी कार्यों की जांच कराकर गड़बड़ियों को ठीक कराने का निर्देश दिए।
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सद्भाव मंडप में दोयम दर्जे की मिली ईंटें
मऊ। नोडल अधिकारी ने मतलूपुर मोड़ के पास बन रहे सद्भाव मंडप का निरीक्षण किया । उसमें अच्छी किस्म र्की इंट नहीं लगी होने पर नाराजगी जताया। उन्होंने अव्वल दर्जे की ईंट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में अच्छी कंपनी के सामानों का उपयोग करने के साथ ही अन्य कमियों को सुधारने के सख्त निर्देश दिए।
किसान को फोनकर पूछी समस्या:
मऊ। नोडल अधिकारी ने भंवरेपुर में धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। किसान से फोन पर बात कर समस्या पूछी। किसान ने बताया कि टोकन लगाने के 10 दिन में धान क्रय कर लिया गया एवं 12 दिन में भुगतान भी मिल गया। नोडल अधिकारी ने और कम समय में भुगतान कराने का निर्देश दिया। बाहर मेन रोड पर धान क्रय केंद्र का बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया। नोडल अधिकारी ने धान क्रय केंद्र सचिव को निर्देश दिया कि जो किसान अपना धान लेकर आता है उसका धान बिना किसी हीला हवाली के जरूर क्रय किया जाए।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी केहरि सिंह, जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, रजनीश सिंह उपस्थित रहे।