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पंजीकृत हैं सिर्फ 132 एंबुलेंस, सड़कों पर दौड़ रहे 300 एंबुलेंस

Sun, 20 Sep 2020 10:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 10:21 PM IST
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Only 132 ambulances are registered, 300 ambulances running on the roads
मऊ। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर दौड़ रही निजी एंबुलेंस में मरीजों से पैसा तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन उन्हें सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। नियम-कायदों को ताक पर रखकर चल रही इन एंबुलेंस में न तो जीवन रक्षक दवाएं और न ही प्रशिक्षित स्टॉफ। चौंकाने वाली बात है कि इसकी मानीटरिंग करने वाला ्वास्थ्य विभाग भी मौन साधे हुए है।जिसका खमियाजा मरीजों के परिजनों को उठाना पड़ रहा है।
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निजी एंबुलेंस नेशनल हेल्थ मिशन के नियमों और परिवहन विभाग द्वारा बनाई गई गाइड लाइन को ताक पर रखकर जिले भर में दौड़ रही है। इन एंबुलेंस में विभागीय जिम्मेदारों का किसी प्रकार नियंत्रण नहीं दिख रहा है। एंबुलेंस शासन से जारी मापदंड को पूरा भी नही कर रहे, जिसका खामियाजा सरकारी और निजी एंबुलेंस का सहारा लेने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। आरटीओ कार्यालय के दस्तावेज में जिले में केवल 132 एंबुलेंस पंजीकृत है, जबकि सड़कों पर 300 से अधिक एंबुलेंस फर्राटे से दौड़ रही।
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इन एंबुलेंस वाहनों का प्रतिवर्ष परिवहन विभाग द्वारा फिटनेस जारी किया जाता है। लेकिन मिली भगत से मानक को पूरा न करने वाले वाहन को फिट साबित कर दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कई निजी एंबुलेंस वाहन में लगे एसी या अन्य उपकरण कई माह से खराब है। ऐसे में अस्थमा और आग से झुलसे मरीजों की क्या हालत होती होगी ? इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते है। कभी-कभी तो जरूरी उपकरण ऑक्सीजन मॉस्क, कार्डियक मॉनिटर, बीपी इंस्टूमेंट, अग्निशमन यंत्र समेत कई उपकरण गायब मिलते है।
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ये है गाइड लाइन
एंबुलेंस के रूप में उपयोग किया जा रहा वाहन वातानुकूलित होना चाहिए। पर्याप्त जगह होनी चाहिए, ताकि मरीजों को घबराहट और घुटन न हो। एंबुलेंस में प्रशिक्षित पैरा-मैडिकल स्टॉफ होना चाहिए। आक्सीजन सिलिंडर और फिल्टर पानी की व्यवस्था के साथ आपातकालीन जीवन रक्षक दवाईयां उपलब्ध होना चाहिए।इसके अलावा स्टेथेस्कोप, बीपी मॉनिटर, फोल्डिंग मशीन और पावर फुल टॉर्च भी होना अनिवार्य है।

इस संबध में यात्रीकर अधिकारी मानवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में एंबुलेंसों को रिलीफ दिया गया है। उससे पहले समय समय पर अभियान चलाकर मानके विपरीत चलने वाले एंबुलेंसों के विरुद्घ कार्रवाई की जाती रही है। कोरोना संक्रमण में कुछ कमी होने पर पुन: अभियान चलाया जाएगा।
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