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एक ऐसा उच्च प्राथमिक विद्यालय जहां पढ़ने नहीं आते बच्चे:

Mon, 06 Dec 2021 10:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 10:12 PM IST
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One such upper primary school where children do not come to study:
सर्वशिक्षा अभियान पर करोड़ों रुपया पानी की तरह बहाने के बाद भी विभागीय उदासीनता के चलते बच्चों को सरकार की तरफ से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के जोगरी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में 16 बच्चों का नामांकन तो है, लेकिन एक भी बच्चा विद्यालय नहीं आते। तैनात शिक्षक विद्यालय आकर समय बीताकर अपने घर का रास्ता नाप लेते हैं। न तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकों तथा विभागीय अधिकारियों ने नामांकन बढ़ाने पर ज्यादा रुचि लेने की जहमत नहीं उठाई।
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कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के जोगरी गांव की आबादी लगभग 3500 है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होने के महीनों बाद भी न तो शिक्षकों तथा प्रधानाध्यापक ने गांव में जाकर नामांकन बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की जहमत तक नहीं उठाई। यही नहीं शासन की तरफ से विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के लिए आपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई है। लेकिन योजना शुरू होने के वर्षों बाद भी यहां बुनियादी सुविधाएं बहाल तक नहीं की जा सकी है। प्रधानाध्यापक सूर्यभान चौहान ने बताया कि विद्यालय आने के लिए रास्ता ही नहीं है। बरसात के दिनों में स्कूल कैंपस में पानी भरा रहने के चलते बच्चे विद्यालय आते ही नहीं हैं। विद्यालय के कमरों से अजीब तरह की आवाज निकलती है। कक्ष में अकेले कोई नहीं जाता है। बच्चों के विद्यालय न आने की एक वजह यह भी है। नामांकन बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। प्रधान काशीनाथ यादव ने बताया कि बरसात के समय विद्यालय कैंपस में पानी भर जाता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही विद्यालय तक जाने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण शीघ्र ही होगा। विद्यालय में सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल कराया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी कोपागंज अशोक गौतम ने बताया कि विद्यालय में पहले एक शिक्षक की तैनाती होने के चलते बच्चों का नामांकन कम रहा। अब शिक्षकों की तैनाती हो गई है। लेकिन कोरोना संक्रमण तथा लाकडाउन के चलते बेहतर तरीके से काम नहीं हो पाया है। नामांकन बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के लिए प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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