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गैरो पर रहम, अपनों पर सितम
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:20 PM IST
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अपनों पर रहम, गैरों पर सितम के ठीक विपरीत सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने गैरों पर रहम, अपनों पर सितम का फार्मुला मऊ जनपद में टिकट बंटवारे पर लगाया है। भाजपा ने इस बार इस बार चौहान मतों पर निशाना साधा है। मधुबन विधानसभा क्षेत्र से बसपा से आए जहां दारा सिंह चौहान तो घोसी विधानसभा क्षेत्र से बसपा से ही आए पूर्व राजस्व मंत्री फागू चौहान पर दांव लगाया। हालांकि फागू चौहान पूर्व में भाजपा में रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हरिनरायन राजभर को टिकट देकर पार्टी ने इस सीट पर पहली बार विजय दर्ज की थी। मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र से पुराने भाजपा के साथी पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर को पुन: टिकट देकर पार्टी में कार्यकर्ताओं का भी मनोबल नहीं गिरने दिया है।
भाजपा ने मंगलवार की शाम को जैसे ही टिकट की घोषणा की जिले में राजनीतिक लड़ाई की स्थिति साफ हो गई। प्रमुख तीनों पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब लड़ाई किनके किनके बीच होगी। किसे होगा फायदा किसे होगा नुकसान इस पर हर चट्टी चौराहे से लेकर प्रमुख स्थानों पर बहस छिड़ गई। सबसे अधिक झटका मधुबन विधानसभा के दावेदारों को लगा है। यहां से डॉ. एचएन सिंह पटेल, भरत भैया, डा. चंद्रलेखा राय, डा. सीता राय, उत्पल राय सहित दर्जनभर प्रत्याशियों थे। सबसे हैरत की बात यह थी कि यहां से पूर्व सांसद एवं भाजपा के पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दारा सिंह चौहान की दावेदारी ही नहीं थी, बावजूद पार्टी ने उन्हें इस सीट से टिकट देकर एक जिताऊ उम्मीदवार के रूप में उन्हें जगह दी है। वहीं घोसी से पूर्व राजस्व मंत्री जिन्हें घोसी विधानसभा सीट पर चार बार विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त है और पिछले चुनाव में वह कुछ अंतरों से हारकर दूसरे नंबर पर रहे उन्हें भी पार्टी ने टिकट देकर जिताऊ उम्मीदवार के रूप में स्थान दिया है। तीसरे प्रत्याशी श्रीराम सोनकर मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया है। यहां से पिछले कई चुनावों से उनकी पकड़ मजबूत होने एवं पार्टी में पुराने कैडर के नेता होने का लाभ मिला है। हालांकि यहां से भी टिकट मांगने वालों की लंबी फेहरिस्त रही है। बावजूद इसके श्रीराम सोनकर पर ही पार्टी ने भरोसा जताया है।
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भाजपा ने मंगलवार की शाम को जैसे ही टिकट की घोषणा की जिले में राजनीतिक लड़ाई की स्थिति साफ हो गई। प्रमुख तीनों पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब लड़ाई किनके किनके बीच होगी। किसे होगा फायदा किसे होगा नुकसान इस पर हर चट्टी चौराहे से लेकर प्रमुख स्थानों पर बहस छिड़ गई। सबसे अधिक झटका मधुबन विधानसभा के दावेदारों को लगा है। यहां से डॉ. एचएन सिंह पटेल, भरत भैया, डा. चंद्रलेखा राय, डा. सीता राय, उत्पल राय सहित दर्जनभर प्रत्याशियों थे। सबसे हैरत की बात यह थी कि यहां से पूर्व सांसद एवं भाजपा के पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दारा सिंह चौहान की दावेदारी ही नहीं थी, बावजूद पार्टी ने उन्हें इस सीट से टिकट देकर एक जिताऊ उम्मीदवार के रूप में उन्हें जगह दी है। वहीं घोसी से पूर्व राजस्व मंत्री जिन्हें घोसी विधानसभा सीट पर चार बार विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त है और पिछले चुनाव में वह कुछ अंतरों से हारकर दूसरे नंबर पर रहे उन्हें भी पार्टी ने टिकट देकर जिताऊ उम्मीदवार के रूप में स्थान दिया है। तीसरे प्रत्याशी श्रीराम सोनकर मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाया है। यहां से पिछले कई चुनावों से उनकी पकड़ मजबूत होने एवं पार्टी में पुराने कैडर के नेता होने का लाभ मिला है। हालांकि यहां से भी टिकट मांगने वालों की लंबी फेहरिस्त रही है। बावजूद इसके श्रीराम सोनकर पर ही पार्टी ने भरोसा जताया है।
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