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तीन को छोड़कर अन्य दफ्तरों में नहीं रहे अधिकारी

Sat, 19 Sep 2020 11:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:57 PM IST
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Officers no longer in other offices except three
मऊ। सरकारी दफ्तरों में समय से पहुंचने के प्रति न तो अफसर ही गंभीर दिख रहे हैं और न ही उनके मातहत ही। सुबह दस बजे से 12 बजे तक कक्षों में बैठकर जनसमस्याएं सुनने के शासन के निर्देश के प्रति अधिकारी भी गंभीर नहीं दिख रहे हैं।यही वजह है कि सुबह दस बजे अपने कक्षों अथवा कार्यालयों में कम ही अधिकारी सुबह दस बजे पहुंच पा रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के भूूतल स्थित कुछ दफतरों की लाइव रिपोर्टिंग किया। इस दौरान ऐसा ही दृश्य देखने को मिला।
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अमर उजाला की टीम सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट पहुंच गई। 10. 14 बजे बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी गोरखनाथ अपने कक्ष में मौजूद मिले। 10.20 बजे वे अपने न्यायालय में आ गए। न्याययालय कक्ष के द्वार पर दो किसान पहुंचे थे। कुछ मिनट तक अपने पेशकार से मंत्रणा करने के बाद एसओसी के निर्देश मुकदमों की सुनवाई के लिए अर्दली ने पुकार लगानी शुरू कर दिया।
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10. 25 बजे मास्टर प्लान के कक्ष में पेशकार और माल बाबू तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मी अपने काम में व्यस्त दिखे लेकिन अवर अभियंता के कक्ष में ताला बंद रहा। बताया कि जेई एक शिकायत की जांच करने फील्ड में गए हैं। 10.30 बजे सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में दो लिपिक अपनी ड्युटी पर आ गए थे। लेकिन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी की कुर्सी खाली रही। बताया गया कि उनके पास तीन जिलों का प्रभार है। वे चार दिन बलिया और एक एक दिन मऊ और गाजीपुर में बैठते हैं। शनिवार को उनका मऊ आने का दिन था लेकिन 11 बजे तक वे अपने कार्यालय नहीं पहुुंचे थे।
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ट्रेजरी ऑफिस पहुंचने पर दिखा कि एक तालक कक्ष में 11.05 बजे तक ताला लटक रहा था। एक संतरी कुर्सी पर बैठा सुरक्षा ड्युटी दे रहा था। आगे जाने पर ट्रेजरी कार्यालय के बडे से हाल में प्रत्येक कर्मचारी को बैठने के लिए 15 केबिन काउंटर बने दिखे। लेकिन इनमें से महज चार काउंटरों पर कर्मचारी बैठे रहे। बाकी काउंटर खाली पड़े थे। कुछ पेंशनर आकर इन कर्मचारियों के बारे में पूछ कर बाहर जाकर उनका इंतजार करते दिखे। सहायक ट्रेजरी अफसर मेराज अपने कक्ष में काम करते दिखे। उनके बगल के कक्ष में राजीव सिंह की कुर्सी खाली रही। दो तीन पेंशनर उन्हें पूछकर बैरंग हो गए थे। ट्रेजरी आफिस के कंप्यूटर कक्ष में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं रहा। 11.05 बजे वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीष कुमार कुशवाहा अपने कक्ष में बैठे कुछ काम काज निपटा रहे थे।
आगे निर्वाचन कार्यालय में एक महिला कर्मचारी सहित दो कर्मचारी अपनी सीट पर कार्य करते दिखे। यहां कंप्यूटर कक्ष में एक कर्मचारी काम करता दिखा दो अन्य लोग उसके सामने बैठे हुए थे। प्रभारी जिला निर्वाचन अधिकारी रजनीश कुमार सिंह एडीएम से मिलने उनके कक्ष में गए बताए गए। जिलाधिकारी के कक्ष में मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज जनसुनवाई कर रहे थे। जिलाधिकार अमित सिंह बंसल समाधान दिवस का निरीक्षण करने गए थे। 11.10 बजे जिला दिव्यांग जन सशक्ती करण अधिकारी के कक्ष में तीन कर्मचारी बैठे काक करते दिखे लेकिन जिला दिव्यांग जन सशक्ती करण अधिकारी की कुर्सी खाली दिखी।
अंदर खड़ी गई थीं दर्जनों मोटरसाइकिलें
मऊ। कलेक्ट्रेट के दक्षिणी गेट के अंदर कई दर्जन मोटरसाइकिलें रखी गई थीं। कुछ बाइकें तो कार्यालयों के बरामदे में रखी गई थीं। जबकि काफी मोटरसाइकिलें अंदर परिसर में पेड पौधों के बीच खड़ी की गई थीं।

वरिष्ठ कोषाधिकारी मनीश कुमार कुशवाहा ने बताया कि ट्रेजरी आफिस तो रोजाना ठीक दस बजे खुल जाता है। सभी कर्मचारी नियत समय पर आ जाते हैं। एक तालक कक्ष के कर्मचारी की मां की तबीयत खराब हो गई थी, इस कारण उसने अवकाश ले लिया है इसलिए उसमें तोला बंद है।
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