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अधिकारी और जनप्रतिनिधि आंगनबाड़ी केंद्रों को करेंगे विकसित
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डीपी पाल ने बताया कि वर्तमान में संभव अभियान 2022 चलाया जा रहा है। जिसके तहत जुलाई में स्तनपान प्रोत्साहन, अगस्त में ऊपरी आहार और सितंबर में पोषण माह के दौरान दस्त से बचाव, एनीमिया प्रबंधन पर जन जागरूकता कार्यक्रम किए जाने हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में 44 जनपद स्तरीय अधिकारियों और पांच जन प्रतिनिधियों को तीन -तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए गोद दिया गया है। बैठक के दौरान एनआरसी में भर्ती कराने के लिए चिंहित कुल 59 बच्चों के मुकाबले जुलाई में 17 बच्चों को भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी ने अति कुपोषित बच्चों की श्रेणी निर्धारित करने के मानकों के बारे में संतोषजनक जवाब न दे पाने के कारण जिला कार्यक्रम अधिकारी को सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इस संबंध में कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। एनआरसी में भर्ती के लिए कुल चिन्हित बच्चों के सापेक्ष भर्ती कराए गए बच्चों की संख्या कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने और प्रयास कर चिंहित बच्चों को अधिक से अधिक एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर पर्यवेक्षण कार्य को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सभी सीडीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी डीपी पाल ने बताया कि वर्तमान में संभव अभियान 2022 चलाया जा रहा है। जिसके तहत जुलाई में स्तनपान प्रोत्साहन, अगस्त में ऊपरी आहार और सितंबर में पोषण माह के दौरान दस्त से बचाव, एनीमिया प्रबंधन पर जन जागरूकता कार्यक्रम किए जाने हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में 44 जनपद स्तरीय अधिकारियों और पांच जन प्रतिनिधियों को तीन -तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए गोद दिया गया है। बैठक के दौरान एनआरसी में भर्ती कराने के लिए चिंहित कुल 59 बच्चों के मुकाबले जुलाई में 17 बच्चों को भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी ने अति कुपोषित बच्चों की श्रेणी निर्धारित करने के मानकों के बारे में संतोषजनक जवाब न दे पाने के कारण जिला कार्यक्रम अधिकारी को सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इस संबंध में कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। एनआरसी में भर्ती के लिए कुल चिन्हित बच्चों के सापेक्ष भर्ती कराए गए बच्चों की संख्या कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने और प्रयास कर चिंहित बच्चों को अधिक से अधिक एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
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आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर पर्यवेक्षण कार्य को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सभी सीडीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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