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Mau News: बारिश और नमी से बढ़ रहे त्वचा रोगी, जिला अस्पताल की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज पहुंचे
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगी लोगों की लंबी कतार। संवाद
मौसम में बार-बार बदलाव और बारिश के कारण त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
वहीं अस्पताल में लंबे समय से त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। इससे गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 800 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 150 से अधिक मरीज त्वचा संबंधी रोगों के हैं। चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ साफ-सफाई और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, बारिश के मौसम में शरीर पर लंबे समय तक नमी बने रहने, अधिक पसीना आने और साफ-सफाई में लापरवाही के कारण फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है।
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हाथ-पैर के नाखून लंबे होने पर भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या फंगल संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए। उपचार शुरू होने के बाद दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है।
बीच में दवा छोड़ने से संक्रमण दोबारा हो सकता है और इलाज में अधिक समय लग सकता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। आवश्यक दवाएं भी दी जा रही हैं।
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वहीं अस्पताल में लंबे समय से त्वचा रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। इससे गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 800 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 150 से अधिक मरीज त्वचा संबंधी रोगों के हैं। चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ साफ-सफाई और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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चिकित्सकों के अनुसार, बारिश के मौसम में शरीर पर लंबे समय तक नमी बने रहने, अधिक पसीना आने और साफ-सफाई में लापरवाही के कारण फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है।
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हाथ-पैर के नाखून लंबे होने पर भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या फंगल संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए। उपचार शुरू होने के बाद दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है।
बीच में दवा छोड़ने से संक्रमण दोबारा हो सकता है और इलाज में अधिक समय लग सकता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। आवश्यक दवाएं भी दी जा रही हैं।