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Mau News: बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में कटान की ली सुधि
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मधुबन। आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में हो रही कटान का जायजा लिया। अमर उजाला ने 17 सितंबर 2025 के अंक मेें कटान से दस दिनों में ही 13 घर नदी में समाए शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में हो रही कटान का निरीक्षण किया। साथ ही सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया।
मधुबन तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में कटान जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 10 दिन मेें घनश्याम, नंदू, राधेश्याम, रामदुलारे, सोनू, टुनटुन, रामशब्द, रामछबीला, शंकर दयाल, रामू, अर्जुन सहित 13 लोगों के घर नदी मेें विलीन हो जाने से गांव का अस्तित्व ही मिट गया है। अब तक 200 बीघा कृषि उपयोगी जमीन नदी में विलीन होने से लोगों को भूमिहीन होने की चिंता सताने लगी है। सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने का स्थानीय समाधान ढूंढना तो दूर कटान रोकने के लिए उपाय तक नहीं किए जा सके। कटान पीड़ित प्रशासन की तरफ से बनाए गए बाढ़ शरणालय मेंं शरण लिए हुए हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूटी। जिला प्रशासन के निर्देश पर उपजिलाधिकारी मधुबन राजेश अग्रवाल ने बिंदटोलिया नई बस्ती में कटान का निरीक्षण किया। मौके पर सिंचाई विभाग के अभियंता अखिलेश यादव ने बताया कि देवरिया जनपद की सीमा में बरहज पुल के पास तेजी से कटान हो रही है। बिंदटोलिया ग्राम के किनारे भी नदी कटान कर रही है। उपजिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। फिर भी सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। बताया कि नई बस्ती से विस्थापित लोगों के लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी है। सभी प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सप्लाई इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है। साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं से लाभ दिलाने के लिए खंड विकास अधिकारी फतेहपुर से वार्ता की गई है। निरीक्षण के दौरान कानूनगो प्रभाकर, लेखपाल शरद, मनोज और आलोक यादव सहित पुलिस टीम मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में हो रही कटान का निरीक्षण किया। साथ ही सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया।
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मधुबन तहसील क्षेत्र के बिंदटोलिया नई बस्ती गांव में कटान जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 10 दिन मेें घनश्याम, नंदू, राधेश्याम, रामदुलारे, सोनू, टुनटुन, रामशब्द, रामछबीला, शंकर दयाल, रामू, अर्जुन सहित 13 लोगों के घर नदी मेें विलीन हो जाने से गांव का अस्तित्व ही मिट गया है। अब तक 200 बीघा कृषि उपयोगी जमीन नदी में विलीन होने से लोगों को भूमिहीन होने की चिंता सताने लगी है। सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने का स्थानीय समाधान ढूंढना तो दूर कटान रोकने के लिए उपाय तक नहीं किए जा सके। कटान पीड़ित प्रशासन की तरफ से बनाए गए बाढ़ शरणालय मेंं शरण लिए हुए हैं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की नींद टूटी। जिला प्रशासन के निर्देश पर उपजिलाधिकारी मधुबन राजेश अग्रवाल ने बिंदटोलिया नई बस्ती में कटान का निरीक्षण किया। मौके पर सिंचाई विभाग के अभियंता अखिलेश यादव ने बताया कि देवरिया जनपद की सीमा में बरहज पुल के पास तेजी से कटान हो रही है। बिंदटोलिया ग्राम के किनारे भी नदी कटान कर रही है। उपजिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। फिर भी सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। बताया कि नई बस्ती से विस्थापित लोगों के लिए भूमि चिह्नित की जा चुकी है। सभी प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सप्लाई इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है। साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं से लाभ दिलाने के लिए खंड विकास अधिकारी फतेहपुर से वार्ता की गई है। निरीक्षण के दौरान कानूनगो प्रभाकर, लेखपाल शरद, मनोज और आलोक यादव सहित पुलिस टीम मौजूद रहे।
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