फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Not even one percent of cases of women harassment are reported.

Mau News: महिला उत्पीड़न के एक प्रतिशत मामले भी सामने नहीं आते हैं

Sun, 28 Sep 2025 05:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 05:16 AM IST
विज्ञापन
Not even one percent of cases of women harassment are reported.
मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शनिवार को कार्यशाला हुई। इसमें महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि वास्तविक उत्पीड़न के एक प्रतिशत मामले भी सामने नहीं आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिन कार्यालय में या संस्थाओं में 10 से अधिक लोग काम करेंगे वहां पर आंतरिक समिति का गठन किया जाएगा। उस समिति की अध्यक्ष के रूप में कार्यालय की किसी महिला को चुना जाएगा।
विज्ञापन

कार्यशाला में डीएम प्रवीण मिश्रा ने कहा कि देश की व्यस्क महिलाओं की जनसंख्या (जनगणना 2011 ) के आधार पर गणना की जाए तो पता चलता है कि 14.58 करोड़ महिलाओं (18 वर्ष से अधिक की उम्र) के साथ यौन उत्पीड़न जैसा अपमानजनक व्यवहार हुआ है। सवाल है कि वास्तव में कितने मामले दर्ज हुए? जबकि राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2006 से 2012 के बीच आईपीसी की धारा 358 के तहत 283407, धारा 509 के तहत 71843 और बलात्कार के 154251 प्रकरण दर्ज हुए। बलात्कार के अलावा उत्पीड़न के अन्य आंकड़ों को आधार बनाया जाए तो साफ जाहिर होता है कि अभी भी वास्तविक उत्पीड़न के एक प्रतिशत मामले भी सामने नहीं आते हैं। ऐसे में जागरूकता कार्यक्रम जरूरी है।जिलाधिकारी की ओर से पूर्व में दिए गए निर्देश के क्रम में जिला प्रोवेशन अधिकारी से समस्त विभागों में आंतरिक समिति के गठन की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद में कार्यरत समस्त महिलाओं की बैठक कर महिला लैंगिक अधिनियम की सार्वजनिक जानकारी दी जाएगी। हर कार्मिक महिला अधिनियम की जानकारी अपने पास रखें और भविष्य में उत्पीड़न का शिकार होने से बच सके। वहीं इससे पहले कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मो. मुक़द्दर जरित ने प्रशिक्षण देते हुए लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013, पी.सी.पी.एन.डी.टी. एक्ट 1994 के तहत महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में जिला प्रोबेशन अधिकारी श्वेता त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी उमेश चंद्र तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह, अनीता यादव, अर्चना राय, संध्या सिंह, सहित संबंधित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed