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Mau News: हस्ताक्षर अभियान से नो स्मोकिंग डे का हुआ शुभारंभ
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मऊ। जनपद में नों स्मोकिंग डे के अवसर पर जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं गैर संचारी रोग नियंत्रण (एनसीडी) सेल की सहयोग से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। गोष्ठी के बाद धूम्रपान न करने की सभी को शपथ दिलाई गई। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत यह अभियान चलाया जा रहा है जो आगामी 30 मार्च तक जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावी रहेगा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने दी। बताया कि किसी भी प्रकार का धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन दोनों जानलेवा है। यह जानना जरूरी है कि धूम्रपान तंबाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 के तहत धारा 4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थान (जैसे सभागृह, अस्पताल, भवन, रेलवे स्टेशन, प्रतीक्षालय, मनोरंजन केंद्र, रेस्टोरेंट्स, शासकीय कार्यालयों, न्यायालय परिसर, शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालय, लोक परिवहन) एवं अन्य कार्य स्थलों में धूम्रपान करना एक अपराध की श्रेणी में आता है।
नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है। विश्व में होने वाली मौतें और बीमारियों का एकमात्र सबसे बड़ा कारण स्मोकिंग है एवं हमारा उद्देश्य यह भी है कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के माध्यम से नो स्मोकिंग डे का आयोजन कर समाज के आखिरी व्यक्ति तक जागरुकता पहुंचने की कोशिश है। इस कार्यक्रम माध्यम से आमजन तक धूम्रपान एवं तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों को बताए जाने की शुरुआत हो गई है।
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जिला सलाहकार डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि धूम्रपान एवं तंबाकू में पाए जाने वाले जहरीले पदार्थो, एवं इसके नुकसान तथा तंबाकू छोड़ने के फायदे नामक विषय पर विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इस मौके पर एसीएमओ डॉ. वकील अली, डॉ. पीएन दूबे, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के फाइनेंस कम लॅजिस्टीक दुर्गा प्रताप, विवेक कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने दी। बताया कि किसी भी प्रकार का धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन दोनों जानलेवा है। यह जानना जरूरी है कि धूम्रपान तंबाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 के तहत धारा 4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थान (जैसे सभागृह, अस्पताल, भवन, रेलवे स्टेशन, प्रतीक्षालय, मनोरंजन केंद्र, रेस्टोरेंट्स, शासकीय कार्यालयों, न्यायालय परिसर, शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालय, लोक परिवहन) एवं अन्य कार्य स्थलों में धूम्रपान करना एक अपराध की श्रेणी में आता है।
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नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है। विश्व में होने वाली मौतें और बीमारियों का एकमात्र सबसे बड़ा कारण स्मोकिंग है एवं हमारा उद्देश्य यह भी है कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के माध्यम से नो स्मोकिंग डे का आयोजन कर समाज के आखिरी व्यक्ति तक जागरुकता पहुंचने की कोशिश है। इस कार्यक्रम माध्यम से आमजन तक धूम्रपान एवं तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों को बताए जाने की शुरुआत हो गई है।
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जिला सलाहकार डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि धूम्रपान एवं तंबाकू में पाए जाने वाले जहरीले पदार्थो, एवं इसके नुकसान तथा तंबाकू छोड़ने के फायदे नामक विषय पर विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इस मौके पर एसीएमओ डॉ. वकील अली, डॉ. पीएन दूबे, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के फाइनेंस कम लॅजिस्टीक दुर्गा प्रताप, विवेक कुमार सिंह आदि शामिल रहे।