मऊ। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सरकार की तरफ से किए गए लॉक डाउन में बंद हुई दुकानों में अधिकांश जरूरत की दुकानों को खोलने का आदेश जिला प्रशासन ने सशर्त दिया है। लेकिन शनिवार को बाजार में चहल पहल नहीं थी। खुली स्टेशनरी और इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रानिक्स के साथ स्टेशनरी की दुकानों पर चहल पहल नहीं थी। बात करने पर दुकानदारों ने बताया कि वो प्रशासन की तरफ से जारी नियम, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था दुकानों पर किए है।
कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए बीते 25 मार्च से लगातार लॉक डाउन होने से पूरी दुकानें बंद हो गई। इस दौरान शुरुआती दिनों में पहले सिर्फ दवा और किराने की दुकानों को खोलने का आदेश जिला प्रशासन ने शर्तो के साथ दिया। इसके बाद सब्जी की दुकानों को खत्म कर ठेले पर सब्जी बेचने का चलन शुरु किया, ताकि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकें। दूसरे लॉक डाउन में खेती किसानी से संबंधित दुकानों को खोलने का आदेश जारी किया गया। लेकिन तीसरे लॉक डाउन में सबसे पहले बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों को खोलने का आदेश आया। इसके बाद प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और लूम का धागा बेचने की दुकानों को खोलने का आदेश जारी किया गया। लेकिन समय सुबह दस से शाम को चार बजे तक निर्धारित किया गया। इसबीच शासन से आबकारी की दुकानों को खोलने का आदेश आया, इस आदेश ने एकबारगी पूरे बाजार में हड़कंप मचाया। दुकानों के सामने लंबी लंबी लाइनें लगने लगी। लेकिन दो दिन बाद स्थिति सामान्य हो गई। अब सामान्य रुप से लोग दुकानों पर पहुंचकर शराब की खरीदारी करते दिखे। इसके बाद डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने इलेक्ट्रानिक्स के साथ मोबाइल और स्टेशनरी आदि की दुकानों को खुलने का आदेश दिया। शनिवार को डीएम ने ज्वेलर्स के साथ आप्टीकल की दुकान खोलने का आदेश दिया। लेकिन दुकानों पर सोशल डिस्टेेंसिंग का ध्यान रखने और तय समय पर दुकानों को खोलने का शर्त रखा गया। शनिवार को इन दुकानों के खुलने के बाद भी बाजार में चहल पहल नहीं थी।