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जागरूकता अभियान के बाद भी घटनाएं कम नहीं
Tue, 16 Apr 2019 11:30 PM IST
पवन सिंह
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Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:30 PM IST
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फायर बिग्रेड
- फोटो : अमर उजाला
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हर वर्ष अग्निशमन विभाग 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक लोगों को आग से बचाव के लिए अभियान चलाकर जागरूक करता है। लेकिन अभियान का असर कहीं दिख नहीं रहा है। अप्रैल माह में आगलगी की घटनाएं रोजाना हो रही हैं। इन घटनाओं में जानमाल की क्षति भी अधिक हो रही है।
अग्निशमन विभाग आग से बचाव के लिए 14 अप्रैल से एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता है। इस दौरान लोगों को आग से बचाव की जानकारी देने वाले पोस्टर हैंड बिल वगैरह वितरित किया जाता है। माकड्रिल करके लोगों को आग पर काबू पाने के तरीके बताया जाता है।
इन जागरूकता अभियानों के बाद भी अप्रैल और मई का महीने में इस वर्ष शार्ट सर्किट और अन्य कारणों से आगलगी की छोटी बड़ी113 घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं में हुई क्षति का लेखा जोखा भी विभाग के पास नहीं है। क्योंकि सभी स्थानों पर विभागीय कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी भी आग से हुई क्षति का आंकलन करने में काफी सुस्ती बरतते हैं।
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काछी कला गांव के शिवनारायण राय कहते हैं कि यदि अग्निशमन विभाग पूरी संजीदगी से लोगों को जागरूक करें तो आगलगी की घटनाओं पर काफी अंकुश लग सकता है।
कसारा के पूर्व प्रधान लेखराज कहते हैं कि मैने कभी भी अग्निशमन विभाग को बचाव के लिए लोगों को जागरूक करते नहीं देखा। इसी प्रकार सियरही बरजला के चंद्रजीत यादव कहते हैं कि विभाग अगर ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता तो आगलगी की घटनाओं में निश्चित कमी होती।
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अग्निशमन विभाग आग से बचाव के लिए 14 अप्रैल से एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता है। इस दौरान लोगों को आग से बचाव की जानकारी देने वाले पोस्टर हैंड बिल वगैरह वितरित किया जाता है। माकड्रिल करके लोगों को आग पर काबू पाने के तरीके बताया जाता है।
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इन जागरूकता अभियानों के बाद भी अप्रैल और मई का महीने में इस वर्ष शार्ट सर्किट और अन्य कारणों से आगलगी की छोटी बड़ी113 घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं में हुई क्षति का लेखा जोखा भी विभाग के पास नहीं है। क्योंकि सभी स्थानों पर विभागीय कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी भी आग से हुई क्षति का आंकलन करने में काफी सुस्ती बरतते हैं।
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काछी कला गांव के शिवनारायण राय कहते हैं कि यदि अग्निशमन विभाग पूरी संजीदगी से लोगों को जागरूक करें तो आगलगी की घटनाओं पर काफी अंकुश लग सकता है।
कसारा के पूर्व प्रधान लेखराज कहते हैं कि मैने कभी भी अग्निशमन विभाग को बचाव के लिए लोगों को जागरूक करते नहीं देखा। इसी प्रकार सियरही बरजला के चंद्रजीत यादव कहते हैं कि विभाग अगर ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता तो आगलगी की घटनाओं में निश्चित कमी होती।