फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   No Lauder , will also prevent weeds

नहीं बजेंगे लाउडर, मातम पर भी रहेगी रोक

Fri, 16 Oct 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ Updated Fri, 16 Oct 2015 11:42 PM IST
विज्ञापन
No Lauder , will also prevent weeds
भरत  मिलाप और मुहर्रम एक साथ पड़ने के कारण दुर्गापूजा महासमिति एवं जिला मुहर्रम ताजिएदार समिति ने एक साथ बैठक की। 21 अक्तूबर को नवमी और मुहर्रम के सातवें जुलूस के लिए 12 बिंदुओं पर समझौता किया। इसके तहत संस्कृत पाठशाला पर पंडाल का आकार छोटा किया जाएगा। अलम का जुलूस निकलने के दौरान संस्कृत पाठशाला के पास किसी प्रकार का मातम नहीं होगा।
विज्ञापन



दोनों समितियों ने शुक्रवार को संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। प्रेसवार्ता के दौरान जिला मुहर्रम ताजिएदार कमेटी के अध्यक्ष मकसूद खां एवं दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष श्यामकरन राय ने संयुक्त रूप से बताया कि दोनों त्योहार एक ही साथ पड़ने के चलते दोनों कमेटियों के बीच कई बार की बातचीत के बाद सौहार्द के लिए रास्ता निकाला गया। बताया कि संस्कृत पाठशाला पर समझौते के तहत दुर्गा पंडाल का पूर्व से काफी छोटा पंडाल बनेगा। जो भवन के सीढ़ी से सटा रहेगा।
विज्ञापन



 जब अलम का जुलूस दुर्गा प्रतिमा के सामने से निकलेगा तो दुर्गा पूजा समिति के सदस्य मूर्ति के तरफ चेहरा करके मानव श्रृंखला बनाएंगे, अलम के जुलूस को शांतिपूर्वक गुजरने देंगे। इस दौरान किसी भी तरफ से लाउडर, नारेबाजी  या घंटा घड़ियाल या आरती नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



संस्कृत पाठशाला से आगे मस्जिद तक किसी भी प्रकार का मातम न करने पर भी संयुक्त रूप से सहमति बनी है। राजस्थान भवन के पास पुलिस रस्सा लगाकर भीड़ को रोकेगी और केवल अलम के जुलूस के लोगों को ही संस्कृत पाठशाला की तरफ जाने दिया जाएगा। आर्य समाज मंदिर के पास बल्लीपुरा, अलहदादपुरा व औरंगाबाद में तीन दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही हैं। यहां यह तय किया गया है कि यहां जुलूस के पहुंचने पर साउंड बंद किया जाएगा।


 प्रतिमा के सामने दुर्गा पूजा समिति के सदस्य मानव श्रृंखला बनाकर जुलूस को पास कराएंगे। यहां भी न तो मातम होगा और न ही कोई घंटा आरती का कार्यक्रम होगा। कुल 12 बिंदुओं पर दोनों पक्षों द्वारा संयुक्त रूप से समझौता किया गया। बताया कि ऐसा समझौता पहली बार हुआ है।



पूर्व में वर्ष 1983 एवं वर्ष 1984 में भी प्रयास किया गया था लेकिन इस प्रकार की सहमति नहीं बन पाई थी। दोनों पक्षों ने समझौते की प्रति जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है। इसमें इरफान अली, रसूल हसन, छऔोटेलाल गांधी, विनय कुमार, मयंक मद्देशिया आदि  रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed