फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   New National Education Policy will enhance the competency of youth

युवाओं की योग्यता निखारेगी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति

Wed, 24 Nov 2021 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 12:15 AM IST
विज्ञापन
New National Education Policy will enhance the competency of youth
मऊ। नगर स्थित डीसीएसके पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के विभिन्न महाविद्यालयो के प्राचार्य, शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं ने नई शिक्षा नीति को लेकर विचार विमर्श किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राचार्य कृष्ण कुमार खंडेलवाल प्रतिनिधि प्रबंध-समिति ने मां सरस्वती के प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण करके किया।
विज्ञापन

गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रो. मानस पांडेय संयोजक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा का मैग्नाकार्टा साबित होगा। यह युवाओं में स्किल डेवलपमेंट का काम करेगा। नई शिक्षानीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि युवा अपनी रुचि के अनुसार उन अतिरिक्त विषय का भी चुनाव कर सकेंगे जिसमे उनकी जिज्ञासा है। इस नई शिक्षा नीति के अनुसार छात्रों को कुल छह विषय पढ़ने होंगे जिसमे तीन मुख्य (मेजर) विषय होंगे और तीन अतिरिक्त (माइनर) विषय को पढ़ना होगा।
विज्ञापन

जिसमें पांचवां पेपर कौशल विकास से संबंधित होगा। छठा पेपर सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विकास को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही साथ नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को कुल प्रथम वर्ष में 46 क्रेडिट अंक अर्जित करने होंगे और द्वितीय वर्ष में 92 क्रेडिट अंक प्राप्त करने होंगे जो छात्र 60 प्रतिशत से कम क्रेडिट प्राप्त करेंगे उन्हें लिबरल डिग्री प्राप्त होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. रमेश मणि त्रिपाठी प्राचार्य कुटीर पीजी कालेज चक्के जौनपुर ने विस्तार पूर्वक शिक्षा नीति के बारे में लोगों को बताया और कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। अध्यक्षीय उद्बोधन में डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शर्वेश पांडेय ने कहा कि यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा में परिवर्तन ही नहीं बल्कि ट्रांसफॉरमेशन का काम करेगी। जिससे युवाओं को अपनी क्षमता को निखारने का अवसर प्रदान करेगी। स्किल हमारे जीवन पद्धति का पहले से हिस्सा रही है पर पिछली दोनों शिक्षा नीति में स्किल डेवलपमेंट पर कोई ध्यान नही देने से युवाओं में रोजगार को लेकर भ्रम पैदा किया। इस शिक्षा नीति से शिक्षा जगत को ऊंचाई तो प्राप्त होगी ही साथ ही साथ युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगें।

महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की वरिष्ठ एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रशीका रियाज ने सभी आगत अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में आए सभी मेहमानों का स्वागत अभिनंदन इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जियाउल्लाह ने किया। संचालन हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा तिवारी ने किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कंचन राय, डॉ बाबूलाल यादव, डॉ. अशोक कुमार, डॉ हरिलाल , डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. आकांक्षा राय, डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय, डॉ. सुधा त्रिपाठी, प्रवीण मिश्र, विशाल पांडेय, अभय चौधरी, शेर मुहम्मद, दीपचंद, प्रदीप मिश्र, डॉ. घनश्याम दूबे, डॉ. दिनेश श्रीवास्तव, सिधारी सिंह यादव आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed