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भतीजे ने संपत्ति के लालच में की थी हत्या

Tue, 11 Feb 2020 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2020 11:39 PM IST
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Nephew murdered due to greed for property
Nephew murdered due to greed for property - फोटो : MAU
मऊ। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के रैकवारेडीह गांव निवासी दुबरी पांडेय की हत्या उनकी संपत्ति पर नजर गड़ाए भतीजे की नीयत में खोट होने के चलते हुई। यही कारण रहा कि भतीजे इंद्रासन ने सेक्रेटरी से मिलकर जीते जी दुबरी पांडेय को परिवार रजिस्टर में मृत दर्ज करा दिया था। जानकारी होने पर दुबरी ने एसडीएम के यहां गुहार लगाकर खुद को जिंदा कराया। इसके बाद उन्होंने अपनी सारी संपत्ति को रामसिंहासन के पुत्रों को हिब्बा वसीयत कर दी। रैकवारेडीह गांव निवासी धनराज पांडेय के दो पुत्र अमरदेव और दुबरी थे। दुबरी अविवाहित थे। जबकि अमरदेव की दो संतान राम सिंहासन और इंद्रासन पांडेय थे। इंद्रासन के मन में चाचा दुबरी की संपत्ति का लालच बैठ गया। इस दौरान वह सेक्रेटरी से मिलकर उन्हें अभिलेखों में मृत घोषित कराकर संपत्ति अपने नाम कराने की फिराक में लगा था। इंद्रासन की इस हरकत की जानकारी दुबरी को हुई तो उन्होंने अपने जिंदा होने का दावा कर एसडीएम को प्रार्थना पत्र दे दिया। जांच पड़ताल के बाद दुबरी अभिलेखों में जीवित हो गए। इधर, इंद्रासन की हरकत से खिन्न दुबरी ने अपने हिस्से की संपत्ति राम सिंहासन के पुत्रों कमलेश और अखिलेश के नाम हिब्बा वसीयत कर दी। बस यही हत्या की वजह बन गई। मामले की पैरवी कर रहे अखिलेश के परिजनों ने बताया कि दुबरी के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने 14 मार्च 1996 की तिथि तय कर उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। जबकि इसी बीच 12 मार्च 1996 को उनकी हत्या कर दी गई।
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