{"_id":"5f94698b8ebc3e2787335bb6","slug":"navratri-worshiped-mahagauri-on-ashtami-mau-news-vns554602144","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र की अष्टमी को हुई महागौरी की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र की अष्टमी को हुई महागौरी की पूजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। नवरात्र की अष्टमी को दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की गई। नगर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में तड़के से ही मां का पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। पूरे दिन मंदिरों में गहमागहमी के बीच मां का जयकारा गूंजता रहा। इस बीच उपवास रखकर विधि विधान से पूजन-अर्चन किया।
नवरात्र के आठवें दिन भक्तों ने मां दुर्गा दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना कर बाजारों में जमकर खरीदारी की। नवरात्र की अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी के बारे मेें माना जाता है कि कभी भगवान शंकर ने देवी काली पर गंगा जल छिड़का था तो महागौरी के रूप में अवतरित हो गई थीं। जिन्हें सृष्टि का आधार भी कहा जाता है। वे अक्षय सुहाग की प्रतीक देवी भी हैं।
उनकी पूजा विवाहित महिलाओं को फल प्रदान करती है। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। इसमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की रही। उन्होंने नारियल, चुनरी के साथ महागौरी का पूजन अर्चन किया। उधर नौ दिन तक व्रत रखने वाले भक्तों ने भी घर पर विधि विधान से मां दुर्गा के आठवें अवतार की पूजा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र के आठवें दिन भक्तों ने मां दुर्गा दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना कर बाजारों में जमकर खरीदारी की। नवरात्र की अष्टमी के दिन पूजी जाने वाली देवी महागौरी के बारे मेें माना जाता है कि कभी भगवान शंकर ने देवी काली पर गंगा जल छिड़का था तो महागौरी के रूप में अवतरित हो गई थीं। जिन्हें सृष्टि का आधार भी कहा जाता है। वे अक्षय सुहाग की प्रतीक देवी भी हैं।
विज्ञापन
उनकी पूजा विवाहित महिलाओं को फल प्रदान करती है। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। इसमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की रही। उन्होंने नारियल, चुनरी के साथ महागौरी का पूजन अर्चन किया। उधर नौ दिन तक व्रत रखने वाले भक्तों ने भी घर पर विधि विधान से मां दुर्गा के आठवें अवतार की पूजा की।
विज्ञापन