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मां की आराधना के लिए सज गए दरबार
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 13 Oct 2015 12:07 AM IST
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नवरात्र की पूर्व संध्या पर भक्तों ने पर्व की सारी तैयारियां पूरी कर ली। जिले में इस बार खास तौर से वनदेवी धाम, शीतला माता धाम, मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर, अष्टभुजी देवी मंदिर सहित प्रमुख देवी मंदिरों पर भारी संख्या में भक्तों के उमड़ने की उम्मीद है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
आश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 13 अक्टूबर को प्रारंभ होगा। जिसका समापन 22 अक्टूबर को होगा। पर्व के मद्देनजर दुर्गा मंदिरों और दुर्गा पंडालों में श्रृद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। रंग-बिरंगी रोशनी और माता के भजनों में वातावरण और भी भक्तिमय हो जाता है।
माता को प्रसन्न करने के लिए सभी अपने-अपने तरीके से प्रयास करते हैं। कोई नौ दिन का उपवास रखता है, तो कोई नौ दिनों तक चप्पल ंनहीं पहनता। साथ ही विविध धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन भी किया जाता है।
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नगर के घास बाजार के ज्योतिषाचार्य पं. अजय शास्त्री ने बताया कि धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।
इसी मान्यता के तहत नवरात्र के मौके पर जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों का पूरे नौ दिनों तक तांता लगा रहता है। नवरात्र के अवसर पर नगर क्षेत्र के शीतलामाता धाम, वनदेवी मंदिर, मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर, निधियांव स्थित अष्टभुजी मंदिर, आजमगढ़ मोड़ पर स्थित मां दुर्गा मंदिर, रोडवेज और फातिमा मोड़ पर स्थित माता दुर्गा का मंदिर सहित ग्रामीण अंचलों के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
नवरात्र की पूर्वसंध्या पर जहां एक ओर मंदिरों की सफाई और सजावट का कार्य पूर्ण कराया गया। भक्तों ने साज सज्जा में कोई कसर नहीं छोड़ा। शहर के प्रमुख मंदिरों की अलौकिक छटा हर किसी को मंत्र मुग्ध कर रही है। वहीं भक्तों ने नौ दिवसीय इस पूजा की परंपरा को निभाने के लिए तैयारियों को पूरा करने के क्रम में जमकर खरीदारी की। यही वजह था कि नगर क्षेत्र समेत जिले के अन्य बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ नजर आई।
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आश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 13 अक्टूबर को प्रारंभ होगा। जिसका समापन 22 अक्टूबर को होगा। पर्व के मद्देनजर दुर्गा मंदिरों और दुर्गा पंडालों में श्रृद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। रंग-बिरंगी रोशनी और माता के भजनों में वातावरण और भी भक्तिमय हो जाता है।
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माता को प्रसन्न करने के लिए सभी अपने-अपने तरीके से प्रयास करते हैं। कोई नौ दिन का उपवास रखता है, तो कोई नौ दिनों तक चप्पल ंनहीं पहनता। साथ ही विविध धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन भी किया जाता है।
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नगर के घास बाजार के ज्योतिषाचार्य पं. अजय शास्त्री ने बताया कि धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।
इसी मान्यता के तहत नवरात्र के मौके पर जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों का पूरे नौ दिनों तक तांता लगा रहता है। नवरात्र के अवसर पर नगर क्षेत्र के शीतलामाता धाम, वनदेवी मंदिर, मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर, निधियांव स्थित अष्टभुजी मंदिर, आजमगढ़ मोड़ पर स्थित मां दुर्गा मंदिर, रोडवेज और फातिमा मोड़ पर स्थित माता दुर्गा का मंदिर सहित ग्रामीण अंचलों के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
नवरात्र की पूर्वसंध्या पर जहां एक ओर मंदिरों की सफाई और सजावट का कार्य पूर्ण कराया गया। भक्तों ने साज सज्जा में कोई कसर नहीं छोड़ा। शहर के प्रमुख मंदिरों की अलौकिक छटा हर किसी को मंत्र मुग्ध कर रही है। वहीं भक्तों ने नौ दिवसीय इस पूजा की परंपरा को निभाने के लिए तैयारियों को पूरा करने के क्रम में जमकर खरीदारी की। यही वजह था कि नगर क्षेत्र समेत जिले के अन्य बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ नजर आई।