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मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से फिजियोथैरेपी कराने का आदेश दिए जाने का किया अनुरोध
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मऊ। फर्जी पता से लिए गए असलहे में की गई पैरवी के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बांदा जेल से हुई। इस दौरान मुख्तार अंसारी ने एसीजेएम/रिमांड मजिस्ट्रेट प्रीति भूषण से फिजियोथैरेपी कराने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया। एसीजेएम प्रीति भूषण ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद मुख्तार अंसारी का न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 31 मई की तिथि नियत किया। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जालसाजी के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने जिन लोगों के असलहा लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को अपने लेटर पैडपर पत्र लिखकर असलहा लाइसेंस जारी करने की सिफारिश किया था। जिस पर जिलाधिकारी ने उन लोगों का लाइसेंस जारी किया था।
बाद में जांच के बाद जिन लोगों के नाम असलहा लाइसेंस जारी किया गया था उनका नाम पता फर्जी पाया गया। जिस पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध दक्षिणटोला थाना में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट मे पेश किया। इस मामले में बुधवार को बादा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।
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उधर गैगेस्टर एक्ट के मामलों को एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित किए जाने के मामले मे एडीजे दिनेश चौरसिया ने विशेष लोक अभियोजक और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद बादा जेल से आख्या तलब करने का आदेश दिया। तथा मामले की सुनवाई के लिए 31 मई की तिथि नियत किया।
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अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जालसाजी के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने जिन लोगों के असलहा लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को अपने लेटर पैडपर पत्र लिखकर असलहा लाइसेंस जारी करने की सिफारिश किया था। जिस पर जिलाधिकारी ने उन लोगों का लाइसेंस जारी किया था।
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बाद में जांच के बाद जिन लोगों के नाम असलहा लाइसेंस जारी किया गया था उनका नाम पता फर्जी पाया गया। जिस पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध दक्षिणटोला थाना में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट मे पेश किया। इस मामले में बुधवार को बादा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।
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उधर गैगेस्टर एक्ट के मामलों को एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित किए जाने के मामले मे एडीजे दिनेश चौरसिया ने विशेष लोक अभियोजक और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद बादा जेल से आख्या तलब करने का आदेश दिया। तथा मामले की सुनवाई के लिए 31 मई की तिथि नियत किया।