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Mau News: सड़क किनारे ट्रक में पीछे से घुसी बाइक, घूमने निकले चाचा-भतीजे की मौत
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मृतक आयुष चौहान। फाइल फोटो
दोहरीघाट। स्थानीय कस्बा स्थित पेट्रोलपंप के सामने शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई। दुर्घटना में आयुष चौहान (30) और उनके भतीजे कुनाल चौहान (5) की मौत हो गई। एक ही परिवार में दो मौत से पूरे कस्बे में मातम पसर गया। दोहरीघाट नगर पंचायत स्थित जीवनधारा अस्पताल के संचालक डॉ. घुरभारी चौहान के बेटे आयुष चौहान अपने भतीजे कुनाल को बाइक से सैर कराने नई बाजार स्थित गोरखपुर वाराणसी फोरलेन पर ले गए थे। लौटते समय शाम 7:30 बजे आजमगढ़ मार्ग स्थित पेट्रोलपंप के सामने सड़क किनारे खड़े ट्रक में बाइक पीछे से जा घुसी। वहां मौजूद लोगों के अनुसार बाइक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि आयुष उसे नियंत्रित नहीं कर पाए। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों लहूलुहान होकर वहीं गिर गए।
आसपास के लोगों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में कुछ घंटे तक इलाज चला लेकिन दोनों की मौत हो गई। डॉ. घुरभारी चौहान ने बताया कि आयुष उनके तीन बेटों में सबसे छोटा था। कुनाल उनके बेटे डॉ. मोतीचंद चौहान का इकलौता बेटा था। कुनाल की एक छोटी बहन भी है। दोहरीघाट थाना प्रभारी निरीक्षक रामायण सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में चाचा-भतीजे की मौत हुई है। परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। तहरीर देने और पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया गया, ताकि ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद उन्होंने इनकार कर दिया।
एक ही आंगन से उठी चाचा-भतीजे की अर्थी
एक ही आंगन से शनिवार की दोपहर दो अर्थियां एक साथ उठीं तो सभी का कलेजा गया। एक ही घर की दो पीढ़ियों की मौत से इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। खुशी वाले घर में आज वहां केवल चीत्कार और सन्नाटा पसरा है। लोग स्तब्ध हैं और पूरे बाजार व मोहल्ले का माहौल पूरी तरह गमगीन हो चुका है। जब चाचा और भतीजे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, तो श्मशान घाट का दृश्य हर आंख को नम कर गया। एक ओर जहां युवा का भरा-पूरा जीवन छिन गया, वहीं दूसरी ओर जीवन का पहला पड़ाव भी न देख सके मासूम की चिता जब एक साथ सजी, तो सांत्वना देने पहुंचे हर शख्स का गला भर आया।
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आसपास के लोगों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में कुछ घंटे तक इलाज चला लेकिन दोनों की मौत हो गई। डॉ. घुरभारी चौहान ने बताया कि आयुष उनके तीन बेटों में सबसे छोटा था। कुनाल उनके बेटे डॉ. मोतीचंद चौहान का इकलौता बेटा था। कुनाल की एक छोटी बहन भी है। दोहरीघाट थाना प्रभारी निरीक्षक रामायण सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में चाचा-भतीजे की मौत हुई है। परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। तहरीर देने और पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया गया, ताकि ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद उन्होंने इनकार कर दिया।
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एक ही आंगन से उठी चाचा-भतीजे की अर्थी
एक ही आंगन से शनिवार की दोपहर दो अर्थियां एक साथ उठीं तो सभी का कलेजा गया। एक ही घर की दो पीढ़ियों की मौत से इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। खुशी वाले घर में आज वहां केवल चीत्कार और सन्नाटा पसरा है। लोग स्तब्ध हैं और पूरे बाजार व मोहल्ले का माहौल पूरी तरह गमगीन हो चुका है। जब चाचा और भतीजे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, तो श्मशान घाट का दृश्य हर आंख को नम कर गया। एक ओर जहां युवा का भरा-पूरा जीवन छिन गया, वहीं दूसरी ओर जीवन का पहला पड़ाव भी न देख सके मासूम की चिता जब एक साथ सजी, तो सांत्वना देने पहुंचे हर शख्स का गला भर आया।

मृतक आयुष चौहान। फाइल फोटो
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